anant singh and rajo singh

पूर्व सांसद राजो सिंह हत्याकांड का 14 साल बाद ऑडियो वायरल, अनंत सिंह की बढ़ी मुश्किलें

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शेखपुरा. कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व सांसद राजो सिंह की 14 साल पहले हुई हत्या से जुड़ा एक ऑडियो क्लिप वायरल हुआ है। इसमें जो आवाज है सुनाई पड़ रही है वह मोकामा के विधायक अनंत सिंह की बताई जा रही है, जो अपने किसी सहयोगी से बात करते सुनाई पड़ रहे हैं।

anant singh and rajo singh

File Photo: राजे सिंह व अनंत सिंह

इस ऑडियो क्लिप में एक सांसद का जिक्र किया जा रहा है कि किस तरह से राजो सिंह को धमकी दी गई और 25 लाख रुपए देने के बाद भी उनकी हत्या कर दी गई। जिले के दिग्गज कांग्रेस नेता राजो सिंह की हत्या 9 सितंबर 2005 को शेखपुरा कांग्रेस पार्टी के जिला कार्यालय के आश्रम में गोली मारकर की गई थी। हत्या शाम सात बजे तब की गई थी, जब वे स्थानीय लोगों से मिल रहे थे। इस ऑडियो क्लिप को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कोई सही मान रहा है तो कोई फर्जी बता रहा है। इसकी सत्यता अब ऑडियो क्लिप के फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर ही निर्भर रहेगी।

मामले में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था

हत्या मामले में 5 अक्टूबर 2015 को सुप्रीम कोर्ट ने जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी, चेवाड़ा के पूर्व मुखिया लट्टू यादव, मुनेश्वर महतो और मुकेश यादव को बरी कर दिया था। 2005 में कांग्रेस नेता की हत्या में उस वक्त के कांग्रेस विधायक अशोक चौधरी, वर्तमान में जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी जो की उस वक्त कटारी पंचायत के मुखिया थे, इन दोनों के साथ 11 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन पुलिस ने जांच में 7 लोगों का नाम डायरी से हटा दिया था।

फिर निचली अदालत अदालत द्वारा अशोक चौधरी और रणधीर कुमार सहित 11 लोगों का नाम नहीं जोड़ने के बाद सूचक ने पटना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। उच्च न्यायालय ने अशोक चौधरी को छोड़कर शेखपुरा के विधायक रणधीर कुमार सहित चार लोगों का नाम जोड़ने का आदेश दिया था। इसी आदेश के आलोक में विधायक रणधीर ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही मानते हुए विधायक रणधीर कुमार सोनी, चेवाड़ा के पूर्व मुखिया लट्टू यादव, मुनेश्वर महतो और मुकेश यादव को बरी कर दिया था।

अब निचली अदालत में लंबित केस पर टिकी लोगों की निगाहें

पूर्व सांसद राजो सिंह हत्याकांड में अब लोगों की निगाहें निचली अदालत में लंबित मामले पर टिकी है। इसमें शम्भू यादव तथा अनिल महतो का मामला अदालत में लंबित है। शेष बचे लोगों को फिर से अभियुक्त बनाने की याचिका वापस लेने के बाद अब लोगों की नजर इस न्यायिक कारवाई पर है। इन दोनों के खिलाफ निचली अदालत में अधिकांश गवाह होस्टाइल हो चुके हैं।

पूर्व सांसद के पौत्र विधायक सुदर्शन ने आवेदन लिया वापस

पूर्व सांसद राजो सिंह के हत्याकांड से जुड़े एक मामले में उनके पौत्र एवं बरबीघा विधानसभा के कांग्रेस विधायक सुदर्शन कुमार ने इस साल जनवरी में पटना हाईकोर्ट से अपनी याचिका वापस ले ली थी।