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अनुठे अंदाज में निकाली बारात

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Surendra Joshi

सुरेन्द्र कुमार जोशी

चूरू। प्रभुदयाल प्रजापत अपने बेटे की बारात लेकर आये उंट गाड़ो पर, पर्यावरण बचाओ, दहेज प्रथा हटाओ का सन्देश भी दिया। ठेट राजस्थानी अंदाज में ले गये प्रभुदयाल प्रजापत अपने बेटे की बारात।

तारानगर के निकटवर्ती ग्राम गोगटिया चारणान के प्रभुदयाल प्रजापत अपने पुत्र सुखराम की शादी तारानगर के वार्ड नं. 7 में भगवानाराम प्रजापत की पुत्री पूजा के साथ तय की ।

14 फरवरी जिसको लोग प्यार का दिन भी कहते है, उस दिनांक को प्रभु दयाल अपने पुत्र की बारात उंट गाड़ो, घोड़ा गाड़ी व बैल गाड़ी में पूरे लश्कर लवाजमें के साथ तारानगर पहूंची ।

बारातीयों का स्वागत भी पूर्णतया राजस्थानी रंग में किया गया । बारातीयों ने राजस्थानी परम्परा अपनाते हुए घुंघरू बांध कर बांसुरी बजाते हुए चंग व डफो की मधुर स्वरलहरीयों में नाचते गाते हुए वधु पक्ष के घर पहूंचे ।

ठेट राजस्थानी साफा व राजस्थानी परहान में बारात जब तारानगर पहूंची तो पूरे शहर में बारात की चर्चा गर्म रही । दुल्हे के पिता प्रभुदयाल ने बताया कि पर्यावरण बचाने के सन्देश के साथ ही दहेज में भी हमने सगुन के तौर पर एक रूपया ही लिया है तो वहीं बारातीयों के लिये भी भोजन की व्यवस्था भी सामान्य करने की बात हमने पहले से ही वधु पक्ष को बोल दिया था ।

गौरतलब है कि तारानगर में इस अनुठी शादी को देखने के लिये शहर उमड़ पड़ा तो वहीं बाराती भी अपने आप को आज के दिन कुछ विशेष समझ रहे थे ।

गौैरतलब है कि अपनी पुत्री की सगाई रश्म में आए हुए मेहमानो को गाय का दुध पिलाकर स्वागत किया । प्रजापत ने बताया कि हमने  पुत्री की शादी में किसी प्रकार का नशा न करने और आए हुए मेहमानो का स्वागत सिर्फ गाय का दूध पिलाकर किया गया ।

बारात को मिला सम्मान-

तारानगर के प्रजापति समाज ने संयुक्त व्यापार मण्डल अध्यक्ष अमीलाल प्रजापत के नेतृत्व में ठेट राजस्थानी अंदाज में आई हुई बारात का स्वागत किया तो वहीं दुल्हे को पिता को उंट गाड़ो पर बारात लेकर आने पर व सामाजिक कुरीतयों का विरोध करने व एक अनुठी पहल करने पर प्रशस्ती पत्र देकर सम्मानित किया गया ।

पहले भी ले गये उंटो पर बारात-

पिछले साल फरवरी में भी प्रभुदयाल के परिवार से हरदत्त ने अपने पुत्र विनोद की बारात भी ढाणी बाबरियान में उंटो पर ही ले गये थे जो भी तारानगर शहर में चर्चा का विषय रहा ।