ram vilas and chirag paswan

उपराष्ट्रपति की दौड़ में कूद जाएंगे रामविलास पासवान

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Betab Ahmad

बेताब अहमद की कलम से…

विचार- जमुई में प्रथम चरण में ही मतदान हो चुका है. जमुई से रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार हैं. इनके जीत को लेकर संशय बना हुआ है. जमुई के लोग भी दावे के साथ कुछ कहने के लिए तैयार नहीं दिखे. दल के जो नेता हैं या कार्यकर्ता वे तो अपने अपने दल या समर्थित दल के उम्मीदवारों के जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन आम लोग में जीत को लेकर संशय है.

राजनीति के गहन अध्ययन के बाद मुझे एक बात तो स्पष्ट रूप से नजर आ रहा है कि यदि चिराग पासवान चुनाव जीत जाते हैं और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की केंद्र में पुनः सरकार बनती है, तो वे अपने पुत्र चिराग पासवान को ही मंत्रिमंडल में जगह दिलाने का पूरा प्रयास करेंगे. और बेटा को जगह मिलते ही खुद आगामी उपराष्ट्रपति पद के दौड़ में शामिल हो जाएंगे.

इसके लिए रामविलास पासवान खुद और अपने पक्षकारों के माध्यम से केंद्रीय नेतृत्व के पास इस तर्क के साथ अपनी बात मनवाने का प्रयास करेंगे कि वह दलित हैं. देश में दलित नेता बड़ा चेहरा है.

साथ ही साथ एक परंपरा के अनुसार अक्सर एक बार दक्षिण भारत का तो दूसरी बार उत्तर भारत का उप राष्ट्रपति या राष्ट्रपति आया करते हैं. इस तरह दलित चेहरा के साथ-साथ उत्तरी भारत का इस बार उपराष्ट्रपति बनने के तर्क के साथ अपनी दावेदारी पेश करेंगे.