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कृपा शंकर

रामनगर को विकास और बदलाव चाहिए: कृपा शंकर

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कृपा शंकर नें बचपन से ही समाज सेवा करते हुए अपने आसपास के सामाजिक वातावरण में विकास और बदलाव की आवाज को मुखर करने का साहसिक प्रयास करते हुए जनहित से जुड़े कई विषयों पर अपना विजय पताका भी लहराया है…

Dayanand

दयानंद तिवारी

 

 

 

 

 

 

रामनगर/वाराणसी: “मुश्किलें दिल के इरादों को आजमाती है। स्वप्न के परदे को निगाहों से हटाती है।। हौसला मत हार गिरकर भी तू मुसाफिर। ठोकरें ही तो इंसान को चलना सिखाती है।”

किसी शायर की इन पंक्तियों को अपने दिलोदिमाग मे बसा कर बचपन से ही नशे के खिलाफ लोगों के दिलों में चेतना जगाने के प्रयास के साथ आसमान की तलाश में इधर-उधर भटकते हुए शख्स के सिर पर पदमविभूषित प्रख्यात समाज सेविका डॉ निर्मला देशपांडे ने हाथ रखकर उनके विचारों में ऐसी क्रांति का बीजारोपण किया कि निर्मला देशपांडे के देहावसान के उपरांत उस शख्स ने क्रांति की भूमि बलिया से बाबा विश्वनाथ की धरती काशी की उपनगरी रामनगर तक नशा उन्मूलन पदयात्रा करके समाज व राष्ट्र को यह संदेश दिया की “नशा नाश की निशानी और अपराध की जननी होती है।” इसका समूल विनाश की बिना प्रेम अपनत्व और विश्वास की स्थापना नहीं की जा सकती।

बात बाबा विश्वनाथ की धरती काशी के उपनगरी रामनगर के युवा समाजसेवी कृपा शंकर यादव की हो रही है। जिन्होंने बचपन से ही समाज सेवा करते हुए अपने आसपास के सामाजिक वातावरण में विकास और बदलाव की आवाज को मुखर करने का साहसिक प्रयास करते हुए जनहित से जुड़े कई विषयों पर अपना विजय पताका भी लहराया है। चाहे रामनगर से लंका तक का किराया प्रकरण हो, दुर्गा मंदिर-पंचवटी सड़क मार्ग बनवाने के लिए कमिश्नर के माध्यम से शासन द्वारा 11 करोड़ के धन आवंटन का मामला हो, रिहायशी ग्राम सभा भीटी से शराब की दुकान हटाने की बात हो, पीएसी के समीप सन 1921ई0 में स्थापित शहीद उद्यान के संरक्षण और संवर्धन की बात हो अथवा रामनगर की ऐतिहासिक धरोहरो का हृदय योजना के माध्यम से उचित रखरखाव के व्यवस्था की मांग को शासन-प्रशासन तक पहुचाने की ही बात क्यों न हो। कृपा शंकर यादव ने अपने साहसिक जिद के कारण एक आम इंसान होते हुए भी रामनगर को कई उपलब्धियों से नवाजते हुए युवाओ को विकास और बदलाव के लिए आज के समय में प्रेरित कर रहे हैं।

जनमंच न्यूज़ के प्रतिनिधि से बात करते हुए कृपा शंकर यादव ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जन्मस्थली रामनगर आज भी विकास और बदलाव से कोसों दूर है। रामनगर का राजकीय पशु चिकित्सालय का स्वयं वेंटिलेटर पर होना, राधा किशोरी राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के जर्जर भवन में जान हथेली पर रखकर 3000 छात्राओं द्वारा शिक्षा ग्रहण करना, प्रभु नारायण इंटर कॉलेज का ऐतिहासिक छात्रावास का जर्जर होना, सड़क, सीवर, स्वच्छ पानी सहित कई समस्याओं के लिए आज भी रामनगर का जनमानस संघर्ष कर रहा है।

उन्होंने आगे यह भी बताया कि एक ओर जहां संपूर्ण देश में विकास और बदलाव देखने को मिल रहा है वही दूसरी ओर न जाने ऐसी क्या विडंबना है कि भारत सरकार व राज्य सरकार की विकासपरक योजनाएं रामनगर तक नहीं पहुंच पाती है। जिसकी वजह से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जन्मस्थली आज भी विकास और बदलाव से कोसो दूर अपनी दुर्दशा का दंश झेल रहा है। रामनगर के विकास और बदलाव के लिए युवाओं का आह्ववान करते हुए कृपा शंकर यादव ने कहा कि रामनगर के विकास और बदलाव का द्वार युवा समाज ही खोल सकता है।

बताते चलें की समाजसेवा के लिए कृपा शंकर यादव को मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान विभाग के साथ साथ कई सामाजिक व शैक्षणिक सस्थानों द्वारा पुरस्कृत व राष्ट्रीय राजनीतिज्ञ क्रमश विदेश राज्यमंत्री जनरल वी के सिंह, मनोज सिन्हा, राज्यवर्धन सिंह राठोर, प्रकाश जावेडकर, विजय गोयल, विजय सांपला सहित समाजसेवी अन्ना हजारे ने सम्मानित करते हुए कृपा शंकर के सामाजिक विचारों को उत्साह और आवेग के पंख लगाकर समाजसेवा के लिए सदैव प्रेरित किया है।