bumper guard

राज्य में चार पहियों में अब पूर्णत: बैन होगा बंपर गार्ड लगाना

221
Nilesh Prasar

निलेश पराशर

रांची। राज्य में केन्द्र सरकार के निर्देश पर चार पहिया वाहनों में बंपर गार्ड लगाने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है। अगर किसी वाहन में बंपर गार्ड लगा हुआ पाया जाता है तो गाड़ी के मालिक पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

राज्य के सभी ट्रेफिक थानों एवं एस पी को संबंधी एडवाइजरी एवं कानूनी कार्रवाई करने का आदेश दे दिया गया है। राज्य सरकार ने यह निर्देश भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय की निदेशक प्रियंका भारती के आदेश पर  जारी किया है। इनमें ऐसे वाहनों पर मोटर विह्कल एक्ट की धारा 1998 के सेसेक्श 52 के उल्लंघन के तहत 500 रू, 1000 रू जुर्माना या तीन महीने की कैद भी हो सकती है।

सरकार के मुताबिक राहगीरों के लिए घातक है चार पहियों में लगा बंपर गार्ड…

सरकार के इनपर रोक इसीलिए लगाई है क्योंकि ऐसे बंपर गॉर्ड न केवल सड़क पर चलने वाले राहगीरों बल्कि टक्कर होने पर गाडी में सवार अन्य व्यक्तियों के भी घातक हो सकते है। काफी लंबे समय से भारत में गाड़ियों में ऐसे बंपर गॉर्ड का इस्तेमाल किया जाने लगा है। आजकल को यह गाड़ियां बेचने वाले शोरूम में भी उपलब्ध रहते है।

लोगों का मानना है की छोटी-मोटी टक्कर होने पर ऐसे बंपर गॉर्ड गाडी की बॉडी को डैमेज से बचाते है जबकि विशेषज्ञों की मानें तो भीषण टक्कर की स्थिति में ये गार्ड गाड़ी और उसमें सवार व्यक्तियों की सुरक्षा के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

इन बंपर्स को कार के 2 पॉइंट पर फिक्स किया जाता है। टक्कर होने पर क्रैश एनर्जी केवल इन दो पॉइंट पर आती है न की पूरी गाड़ी पर। जिसके कारण गाड़ी को अधिक नुकसान होने की संभावना रहता है।

इसके अलावा पैसेंजर्स की सुरक्षा के लिए गाड़ियों में एयर बैग्स के सेंसर्स भी लगाएं जाते है। और बंपर गॉर्ड लगाए जाने के बाद यह सेंसर्स ठीक तरह से काम नहीं कर पाते जिसकी वजह से एक्सीडेंट होने पर यह एयर बैग्स खुल नहीं पाते और नुकसान सवारियों को उठाना पड़ता है।

विशेषज्ञों का कहना है की कंपनियां कार को कुछ इस तरह से डिज़ाइन करती है की सड़क पर चलने वाले व्यक्ति को टकराने पर कम से कम नुकसान पहुंचे। लेकिन बंपर लगाने के कारण गाड़ी तो बच जाती है लेकिन चलने वाले व्यक्ति को ज्यादा चोट पहुंचती है।