Jharkhand Assembly

राज्य का समग्र विकास हमारा मूलमंत्र, बजट सत्र के सत्रावसान पर बोले मुख्यमंत्री

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Nilesh Prasar

निलेश पराशर

राँची। झारखण्ड विधानसभा के बजट सत्र का मंगलवार को सत्रावसान हो गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रघुवर दास ने विधानसभा अध्यक्ष के प्रति एवं माननीय सदस्यों के प्रति अपना आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि इस बदलते झारखण्ड के लिए सबके साथ और साझा प्रयास को श्रेय देता हूं। उन्होंने कहा कि राज्य का समग्र विकास ही हमारी सरकार का मूलमंत्र है।

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अध्यक्ष महोदय मैं सर्वप्रथम इस बदलते झारखण्ड के लिए सबके साथ और साझा प्रयास को मैं श्रेय देना चाहता हूँ। सरकार के जन कल्याणकारी कार्य आमजनों तक पहुंचें। ये सभी माननीय सदस्यों का यह ध्येय होना चाहिए। यही राज्य के समग्र विकास का मूलमंत्र है। जहाँ तक सदस्यों के सकारात्मक सुझावों का प्रश्न है, मैं सभी के सुझावों का स्वागत करता हूँ, चाहे वे सत्ता पक्ष के हों या विपक्ष के।

अध्यक्ष महोदय, हमें जो सेवा करने का मौका मिला, हमने तीन वर्ष में संकेत दिया है, हमने ऐसी रेखाएं खींची है, उनकी आलोचना करके तथ्यों पर पर्दा नहीं डाला जा सकता। व्यक्तिगत आरोप लगाकर, अपनी झुंझलाहट, कड़वाहट प्रकट करके, जो हमारी उपलब्धियां हैं, उनपर पानी नहीं फेरा जा सकता।

बजट प्रस्ताव पर मेरी इच्छा थी कि राज्यहित में कुछ सुझाव आयेंगे। 2018-19 का बजट अच्छा बजट है। प्रतिपक्ष को निराश होना पड़ा है, आलोचना के जितने मुद्दे मिलने चाहिए थे, वे नहीं मिले। बजट का स्वागत समाज के सभी वर्गों ने किया है कहीं न कहीं से, किसी न किसी की ओर से कुछ आलोचना होती रही है, यह स्वाभाविक है, क्योंकि कोई भी बजट सम्पूर्ण नहीं हो सकता है। हर बजट में उस वर्ष की वास्तविकताओं तथा राज्य की दीर्घ और अल्पकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखना पड़ता है।

यह भी प्रयास किया गया है कि बजट बनाते हुए राज्य की दीर्घकालीन आवश्यकताओं को ध्यान में रखा है। गरीब से गरीब व्यक्ति विकास चाहते हैं, लेकिन विपक्ष विकास में बाधा खड़ी करना चाहता है। हमारी सरकार ग्रामीण विकास, फूड प्रोसेसिंग, लघु, कुटीर उद्योग और ग्रामीण उद्योग, वस्त्र और अन्य पारंपरिक उद्योगों के प्रति ज्यादा ध्यान दे रही है। अर्थव्यवस्था के इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने की क्षमता है। आने वाले महीनों में हमारी सरकार अर्थव्यवस्था के उन क्षेत्रों पर और अधिक ध्यान देगी जिनपर अभी तक कम ध्यान दिया गया है।

अध्यक्ष महोदय, यह एक निर्विवाद सत्य है कि झारखण्ड आगे बढ़ रहा है। नौजवानों को रोजगार मिल रहा है, आदिवासी समाज सजग हो रहे हैं, महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही है। हम भविष्य की ओर देखना चाहते हैं और हमें भविष्य को संवारना भी है, और हम बेहतर भविष्य का निर्माण करेंगे। यह हमारा अटल विश्वास है, उसमें आप सबका सहयोग हमें मिलेगा, मुझे इसका पूरा भरोसा है। जनता ने सरकार को विकास के लिए चुना है और समग्र विकास तभी संभव है जब सभी जनप्रतिनिधि राजनीतिक दलगत भावना से आगे बढ़कर सरकार को सचेत भी करें और सहयोग करें। जो भी वादे हैं, हम उन्हें अमल में लाने की पूरी कोशिश करते हैं।

अध्यक्ष महोदय, अंत में कहना चाहता हूं कि आज माघ शुक्ल चतुर्दशी है। फागुन माह के आगमन का दस्तक हो रहा है। फागुन में वातावरण का तापमान प्रायः सुखद रहता है। किन्तु, माघ में ही सदन का तापमान ज्येष्ठ माह जैसी रही। फागुन में ही होली का त्योहार आने वाला है। रंग और गुलाल जाति, धर्म, मजहब, सम्प्रदाय, गरीब और अमीर में भेदभाव करना नहीं जानता, इसको यह भी पता नहीं होता कि गाल किसके हैं।

अध्यक्ष महोदय, इस बजट सत्र के सफल संचालन के लिए मैं आपका तथा माननीय मंत्रीगण ने जो सभी लगन एवं सहनशीलता का परिचय दिया। साथ ही साथ सभी माननीय सदस्यों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूँ। मैं, मीडिया के मित्रों का जिन्होंने सार्थक संवाद को सुस्थापित किया है, धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ।

मैं, सभा सचिवालय के पदाधिकारियों/कर्मचारियों को भी उनके सक्रिय सहयोग एवं समर्थन के लिए आभार प्रकट करता हूँ। जिनके सहयोग से इस बजट सत्र का संचालन हुआ।

अन्त में होली की शुभकामना के साथ-साथ मैं कहना चाहूँगा-

हम मिलकर खेलें होली

अलग-अलग रंगों से मिलकर,

होली का एक रंग बनायें!!
अलग-अलग पहचानों को खोकर,
मानवता की पहचान गढ़ें।।
रंगे झारखण्ड को प्रगति के रंग में,
उड़े गुलाल विकास का।।
जले बैर होलिका दहन में,
भाईचारा का फाग गायें।
हमसब मिलकर खेलें होली।।

धन्यवाद! जोहार! जय हिन्द! जय झारखण्ड!