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लॉकडाउन के बाद किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण दे स्वालम्बी बनाएगा परिषद, किसानों की बदलेगी किस्मत, मसौदा हुआ तैयार

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– 15 मई से किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण देगा परिषद,करना होगा ऑनलाइन आवेदन…

– ग्रामपंचायत से लेकर जिले स्तर तक होगा रोजगार का सृजन…

– किसानों की आय दुगुनी करने पर रहेगा परिषद का विशेष जोर…

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

गोरखपुर। राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद कोरोना जैसी वैश्विक महामारी के बाद प्रदेश के तमाम जिलों के किसानों को निःशुल्क प्रशिक्षण देकर स्वालम्बी बनाने का मसौदा बना रहा है।

परिषद लॉकडाउन खत्म होने के बाद 15 मई 2020 से युवा किसानों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित कर रजिस्ट्रेशन शुरू करने जा रहा है। परिषद रजिस्टर्ड युवा किसानों को 6 माह का निःशुल्क प्रशिक्षण देकर स्वालम्बी व कुशल बनाएगा उसके बाद इन प्रशिक्षित किसानों को इनके ग्रामपंचायत स्तर से लेकर जनपद स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराएगा जिसके लिए परिषद अपना मसौदा बना रहा है।

— किसानों को मिलेगा 6 माह का निःशुल्क प्रशिक्षण…

बताते चले कि राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद युवा किसानों को कृत्रिम गर्भाधान कार्य प्रबंधन, पशुधन प्रबंधन और डेयरी प्रबंधन में निःशुल्क प्रशिक्षण देकर कुशलता हासिल कराएगा। यह प्रशिक्षण कुल 6 माह का होगा। इसके उपरांत इन प्रशिक्षित किसानों को इनके जनपद में ही ग्रामपंचायत से लेकर ब्लॉक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराएगा।

परिषद द्वारा यूनिट लगाकर प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से कुशल किसानों की फौज तैयार करेगा। जिसके लिए परिषद ने योजनाओं को अमली जामा पहनाने की तैयारी शुरू कर दी है। राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद का मुख्य उद्देश्य पशुपालन एवं डेयरी के माध्यम से किसानों की आय दोगुना कर इनकी किस्मत चमकाना है।

एक साथ पूरे देश में पशुपालन और डेयरी विकास से संबंधित कार्यक्रम को चलाने के लिए परिषद द्वारा योग्य किसानों से ऑनलाइन आवेदन मांगा जाएगा। जो प्रशिक्षण के बाद डेयरी और पशुपालन के क्षेत्र में तैयार होंगे।

— किसानों की आय बढ़ाने पर होगा जोर…

परिषद का मुख्य उद्देश्य किसानों को व्यवसायिक कृषि से जोड़कर आय को बढ़ाने पर है। जिससे किसान खुशहाल और सम्मानजनक जिंदगी जी सके। इसी लिए किसानों को पशुपालन और डेयरी से जोड़कर परिषद देश के किसानों की आय को बढ़ाने पर जोर दे रहा है।
राष्ट्रीय पशु एवं डेयरी विकास परिषद उन प्रशिक्षित किसानों को वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से आर्थिक सहयोग भी प्रदान कराएगा, ताकि किसान आसानी से पशुओ की खरीदारी कर डेयरी को शुरू कर सके। इसके लिए परिषद किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का भी लाभ उपलब्ध कराएगा।

जहां परिषद किसानों को आर्थिक मजबूती के लिए पहल कर रहा है, वहीं हजारो बेरोजगारों को संस्थान से जोड़कर रोजगार भी मुहैया करा रहा है। ऐसे में देखना है कि परिषद की मुहिम जमीनी रूप से कितना कारगर होती है।

लॉकडाउन के चलते अपने गृह्मण्डल गोरखपुर आये परिषद के अध्यक्ष वशिष्ट तिवारी से जब इन योजनाओं और कार्यक्रमो को लेकर बात की गई तो इनका कहना है कि इस वैश्विक महामारी कोरोना के चलते देश प्रदेश के किसानों की हालत बद से बदतर हो गई है। अगर किसानों को रोजगार और कुशल प्रशिक्षण उपलब्ध नही होगा तो स्थिति और भयावह हो जाएगी। इस लिए परिषद किसानों के हित को देखते हुए एक निःशुल्क प्रशिक्षण का कार्यक्रम बना रहा है जहां किसानों को कुशल प्रशिक्षण और प्रबंधन की जानकारी देकर स्वावलंबी बनाया जाएगा।