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नहीं मिल पा रहा है कार्डधारियों को समय पर राशन, ग्रामीणों में दिखा आक्रोश

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चितरंजन कुमार की रिपोर्ट-

चतरा। जहां एक ओर केंद्र और राज्य सरकार खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता लाने को लेकर नित नए योजनाएं क्रियान्वित करते हुए इसके सफल क्रियान्वयन में करोड़ों-अरबों रुपए पानी की तरह बहा रही है। ताकि कार्डधारियों को समय पर राशन मिलने के साथ-साथ वितरण प्रणाली पर कड़ी निगरानी रखी जा सके।

इसे लेकर सरकार ने ई पोस सिस्टम लागू करते हुए सभी जन वितरण प्रणाली दुकानदारों को ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण करने का निर्देश दिया है। बावजूद चंद अनाज माफिया डीलरों के साथ मिलीभगत कर सरकार की इस अति महत्वाकांक्षी योजना को चुनौती देने पर तुले हैं। जिसके कारण ना सिर्फ खाद्यान्न वितरण प्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं बल्कि सरकार के इस महत्वपूर्ण योजना के सफल क्रियान्वयन पर भी ग्रहण लगना शुरू हो गया है।

ऐसे मे सरकार की योजनाओं व निर्देशों को चुनौती देने वाले डीलर अभी भी ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने के बावजूद मनमाने तरीके से गरीबों के निवाले का बंदरबांट कर रहे हैं। हंटरगंज प्रखंड अंतर्गत गोसाईडीह पंचायत के नागर गांव में डीलर के विरुद्ध कार्ड धारियों ने जमकर हंगामा किया। इतना ही नहीं अगस्त माह का अनाज नहीं मिलने से नाराज कार्डधारियों ने डीलर के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है।

आक्रोशित कार्डधारियों के अनुसार नागर गांव में संचालित सरकारी उचित मूल्य की दुकान के संचालिका विराज देवी अगस्त माह का अनाज वितरण किए बगैर कार्डधारियों से फर्जी तरीके से अंगूठा का निशान ले रही थी। जब इसका विरोध किया गया तो उन्होंने आनन-फानन में ई पॉस मशीन में गड़बड़ी का बहाना बता कर हस्तलिखित रसीद देना शुरु कर दिया।

इसके बाद भी हस्त लिखित पर्चा लेने से इंकार करते हुए अगस्त माह के अनाज की मांग की तो डीलर ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर ना सिर्फ कार्डधारियों की पिटाई कर दी बल्कि फर्जी मुकदमे में फंसाने तक की धमकी दे दी। इस पूरे मामले को मौके पर मौजूद एक कार्ड धारी ने अपने मोबाइल के कैमरे में कैद कर लिया। कार्डधारियों का आरोप है कि महिला डीलर के द्वारा आए दिन गरीबों के निवाले पर डाका डाला जाता है।

एक माह के अनाज का वितरण कर दो से तीन महीने के लिए अंगूठे का निशान ले लिया जाता है और कार्डधारियों को यह कहकर पहला दिया जाता है कि इस माह के अनाज का उठाओ अब तक नहीं हुआ है और होने की संभावना भी नहीं है। कार्डधारियों ने इस बाबत उपायुक्त जितेंद्र कुमार सिंह व जिला आपूर्ति पदाधिकारी से मामले की जांच कर दोषी डीलर विराज देवी का लाइसेंस निरस्त करते हुए कार्डधारियों को दूसरे दुकानों में शिफ्ट करने की मांग की है।

कार्डधारियों का आरोप है कि अगर विराज देवी का लाइसेंस निरस्त नहीं होता है तो यहां के भोले भाले गरीब कार्ड धारी भूखों मरने को विवश हो जाएंगे। कार्डधारियों ने आरोप लगाया है कि डीलर के द्वारा अनाज माफियाओं से संपर्क साध कर अनाज की कालाबाजारी कर दी जाती है जिसका खामियाजा आम लोगों भूखे पेट सोकर भुगतना पड़ता है। इधर इस पूरे मामले में डीलर का भी पक्ष लेने का प्रयास किया गया। लेकिन उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर है।