BREAKING NEWS
Search
सीआरपीएफ

वाह आरपीएफ, आपको सलाम! इंसानियत की मिसाल पेश कर आरपीएफ जवानों नें जीता सबका दिल

431

कैंट स्टेशन पर तैनात आरपीएफ के एक पुरुष और एक महिला सिपाही नें अपने महकमें का सर ऊँचा कर दिया…

Tabish Ahmed

ताबिश अहमद

 

 

 

 

 

 

वाराणासी: अक्‍सर खाकी अपनी बुरी छवि को लेकर ही चर्चा में रहती है, मगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में खाकी के दो रखवालों ने मानवता की मिसाल पेश की है। वाराणसी रेलवे स्‍टेशन पर घटी दो घटनाओं ने वहां मौजूद लोगों के जेहन में खाकी को लेकर एक अलग अपनेपन का अहसास कराया।

पहली घटना
वाराणसी रेलवे स्‍टेशन पर खाकी का पहला मानवीय चेहरा तब देखने को मिला जब कोलकाता से आने वाली दून एक्सप्रेस स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 8 पर पहुंची। स्लीपर बोगी एस-4 में सवार यात्रियों ने ऑन ड्यूटी आरपीएफ के जवान अमित कुमार मिश्रा को आवाज लगानी शुरू कर दी, जब पैसेंजर आरपीएफ के जवान अमित को बुला रहे थे, तब ट्रेन धीमी रफ्तार से चल रही थी। अमित चलती ट्रेन में ही चढ़ गया। ट्रेन के अंदर पहुंचे अमित ने जब वहां का नजारा देखा तो उसके भी होश उड़ गए।

अंदर बर्थ नंबर 70 पर धनबाद के धरैया निवासी यात्री अमरेंद्र सिंह (22 वर्ष) खून की उल्टी कर रहा था। उसकी तबीयत बिगड़ते देख आरपीएफ सिपाही ने मरीज को पीठ पर लादकर फुट ओवर ब्रिज से चढ़कर परिसर में बने स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाया। जहां उसका प्राथमिक उपचार किया गया। इसके बाद उसने घटना की जानकारी अपने अधिकारियों को दी। बाद में यहीं से 108 एंबुलेंस के जरिये बीमार यात्री को कबीरचौरा अस्पताल भेजा गया, जहां सही वक्‍त पर उपचार मिल जाने से मरीज की जान बच गयी। इसके बाद मरीज ने देवदूत बनकर आये आरपीएफ जवान को दिल से धन्‍यवाद प्रगट किया। वहीं आरपीएफ जवान अमित की इस मानवीय पहल की चर्चा पूरे दिन स्टेशन परिसर में होती रही।

दूसरी घटना
दूसरी घटना भी वाराणसी रेलवे स्‍टेशन की है, जब एक बुजुर्ग गरीब महिला यात्री जिसका पैर खराब था को धूप में बुरी हालत में देख वहां ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ की लेडी कांस्‍टेबल चांदनी शर्मा उसकी मदद के लिये आगे आयीं। चांदनी शर्मा ने हमें बताया कि वृद्ध महिला चल-फिर नहीं सकती थी। इसके बाद हमने व्‍हीलचेयर के लिये मदद मांगी मगर मदद समय पर पहुंचती इससे पहले ही हमने कॉमर्शियल ट्रॉली की मदद से उसे बाहर निकाला। कांस्‍टेबल चांदनी के अनुसार स्‍टेशन पर यात्रियों की मदद के लिये व्‍हीलचेयर, इलेक्‍ट्रिक ऑटो आदि की सेवाओं को बढ़ाना चाहिये।

फिलहाल इन दोनों घटनाओं ने वाराणसी रेलवे स्‍टेशन पर मौजूद यात्रियों के दिल में खाकी वर्दीधारियों के प्रति एक अलग भावना को जन्‍म दिया है। इस बात की जानकारी होने पर लोग आरपीएफ के दोनों कर्मियों की सराहना कर रहे हैं।