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Saharsa hospital

सहरसा सदर अस्पताल परिसर में एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही आई सामने

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Sarfaraz Alam

मोहम्मद सरफ़राज़ आलम की रिपोर्ट,

सहरसा। सहरसा का पीएमसीएच कहे जाने वाले सदर अस्पताल परिसर में एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही सामने आई है।

आपको बता दें कि सदर अस्पताल परिसर में पिछले कई दिनों से मरे हुए सुअर को ब्लड बैंक के सामने नोच-नोच कर कुत्ते और पंछिया खाते दिख रहे हैं। लेकिन इस पर हॉस्पिटल व्यस्थापक की नजर ही नहीं पड़ती है। इससे एक बात साबित जरूर होती है की ये दृश्य हॉस्पिटल में नए बीमारियों की दावत दे रही है।

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वहीं ब्लड बैंक में ब्लड डोनेट करने आये लोगों ने कहा कि हमलोगों को यहाँ ब्लड डोनेट करने में भी डर लगता है। अगर ऐसे ही सुअर मरा हुआ रहे तो कोई गम्भीर बीमरी भी हो सकती है। ऐसे में हमलोग कैसे सदर अस्पताल में ब्लड डोनेट कर सकते है। बताते चलें कि सहरसा के पीएमसीएच कहे जाने वाले सदर अस्पताल में सैकड़ों की तादात में मरीज भर्ती है।

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लेकिन सवाल यह खड़ी कर रही है कि जो मरीज इलाज के लिए सदर अस्पताल आए हैं। अगर वहीं मरीज यदि किसी बड़े बीमारी की चपेट में आ जाए तो क्या यह सहरसा का पीएमसीएच कहे जाने वाले सदर अस्पताल सही जगह है। और कौन होगा इसका जिम्मेवार। सिविल सर्जन या फर ज़िला प्रशासन जब संवादाता मो. सरफ़राज़ आलम ने सदर अस्पताल का निरक्षण किया तो सदर अस्पताल में कई खामियां पाई गई। जैसे सदर अस्पताल में शुद्ध पेजल का मशीन तो लगा है लेकिन सदर अस्पताल शुद्ध जल पिने को बेताब परे है। सदर अस्पताल में बैड पर पेसेंट मौजूद है लेकिन बैड शिट के लिए मरीज तरस रहे है। उम्मीद करते है कि इस खबर को देखने के बाद कोशी का पीएमसीएच कहे जाने वाले सदर अस्पताल में नई शुरुआत होगी।