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जनता की तो छोड़िए जनाब! यहां विधायक तक की आवाज नहीं सुनी जाती है

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Pankaj Pandey

पंकज पाण्डेय

समस्तीपुर (रोसड़ा)। बिहार के वर्तमान सरकार के कार्यकाल में चारों ओर अफसरशाही का दौर है। जनता की कौन कहे, जनप्रतिनिधियों (विधायक) की भी आवाज सुनने वाला कोई नहीं है। अंचल कार्यालय से लेकर थाना तक में हर स्तर पर बिचौलियों का बोलबाला है। उपरोक्त बातें रोसड़ा के विधायक डॉ. अशोक कुमार ने अपने विधानसभा क्षेत्र के भिरहा पंचायत के दौरा करने के बाद डाकबंगला चौक पर प्रेस-प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कही।

मुख्यमंत्री सात निश्चय योजनाओं के अंतर्गत क्षेत्र में चल रहे योजनाओं का निरीक्षण पश्चात उन्होंने कहा कि नल-जल योजना, हर घर बिजली योजना, हर गली सड़क योजना बस कागज के पन्नों तक ही सिमटकर रह गये हैं। जमीनी हकीकत तो कुछ और ही बयाँ कर रहे है।

यहां तक की विधायक द्वारा अनुशंसित मुख्यमंत्री विकास योजना पर भी कोई काम नहीं हुआ। जहाँ कहीं कोई काम हो भी रहा है,वहां पर भी सम्बन्धित योजना की  जानकारी से सम्बंधित सूचना बोर्ड नहीं लगी है। इस वजह से पूरे विधानसभा क्षेत्र की आमजनता सहित विधायक को भी किस योजना और कितनी राशि इस मद में अनुशंसित है,कौन योजना का संवेदक है? कुछ जानकारी नहीं हो पा रही है। स्थिति बद से बदतर होती जा रही है।

विधायक को न तो शिलान्यास के लिए बुलवाया जा रहा है और न ही उद्घाटन हेतु ही। कथित सुशासन की इस सरकार में विधायक समेत आमजनता को अंधेरे में रखा जा रहा है।

विद्यालय में शिक्षक तो अस्पताल में चिकित्सक की कमी है। अस्पताल में दवाओं और चिकित्सकीय सुविधाओं का घोर अभाव है।

वहीं रोसड़ा को जिला बनाने के लिए क्षेत्रवासियों की चिर परिचित मांग और उनके द्वारा चलाए जा रहे आंदोलन के बाबत पूछे जाने पर विधायक डॉ. अशोक कुमार ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में गैर सरकारी संकल्प के माध्यम से यह मांग रखी है। क्षेत्र की जनता के साथ वह स्वयं भी बहुत जल्द ही जिला बनाने की मांग के लिए अनुमण्डल से लेकर विधानसभा तक आंदोलन करेंगे।

वहीं नगरपालिका से नगर पंचायत में तब्दील किए गए नगर पंचायत को नगर परिषद बनाने की जनता के मांग पर उन्होंने बताया कि मैं स्वयं इस सन्दर्भ में मुख्यमंत्री से बात की थी किन्तु कोई कार्यवाही नहीं हुई।