Sharad Tripathi

संतकबीरनगर जूता कांड: जानिए क्या है हकीकत, क्या है फसाना ?

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सांसद शरद त्रिपाठी की जुबानी…

Priyesh Kumar "Prince"

प्रियेश कुमार “प्रिंस”

गोरखपुर। “मैं इंजीनियर से बात कर रहा था, एक सांसद होने के नाते ये मेरा फंडामेंटल राइट है। मगर वह बीच में कूद पड़ा। उसने पहले तू तड़ाक की, फिर गाली-गलौज किया। फिर जूते पर हाथ लगाया। मैं भी तो आखिर मानव हूं। मैं राजनीति सम्मान बेचने के लिए नहीं कर रहा हूं। ईमानदारी से देखा जाए तो मेरी कहीं गलती नहीं है।”

“ये विधायक हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा हुआ है।अपनी कार पर भाजपा की जगह हिंदू युवा वाहिनी का झंडा लगाता है। सार्वजनिक मीटिंग में कहता है कि वह भाजपा का विधायक नहीं, हिंदू युवा वाहिनी का विधायक है।”

“यह विधायक पहले हमारे बुजुर्ग और सम्मानित मौजूदा केंद्रीय मंत्री शिवप्रताप शुक्ला जी के साथ भी ऐसी ही बदसलूकी कर चुका है। बस तब बात सामने नहीं आ सकी थी। आप उनसे पूछ सकते हैं। वे मीटिंग छोड़कर चले आए थे। मैं ये सब बात व्यक्तिगत हैसियत से कह रहा हूं।”

“वो इंजीनियर, इस विधायक राकेश सिंह बघेल का ‘साइट पार्टनर’ है। दोनों मिलकर काम करते हैं। अपने पार्टनर से मुझे पूछताछ करता देख वह भड़क उठा। यही बात उसे नागवार गुजरा।”

” पिछले कुछ समय से इसी विधायक को ही तमाम ठेके मिलते आए हैं। आप जाकर जांच कीजिए। टोटल ठेका उसी का है। एक-एक सड़क पर चार चार विभाग से वह पेमेंट करवा रहा है। दबाव बनाकर। 2 साल में बनाई गई सभी सड़कों की जांच हो जाए। ढाई करोड़ से तीन करोड़ के जितने भी काम पिछले 2 साल में हुए हैं, सब उसने अकेले ही पाए हैं। 3 से 4 करोड़ की जितनी सड़कें हैं, वो विधायक , सब इन सबका काम अकेले करवा रहा है। उसकी मलेशिया और सिंगापुर में संपत्तियां भी हैं। मैं सारे एविडेंसेस आपको दूंगा। मुझे कोई व्यक्ति शुभचिंतक है।जो सब भेज रहा है। उसके भाई पर ईडी का छापा भी पढ़ चुका है।मैं जब समय आएगा तो इन सबकी जानकारी नेतृत्व के सामने रखूंगा।” 

“परिवहन डिपो भी विधायक बनवा रहे हैं। आप पूछिए परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव जी से कि कौन बनवा रहा है। विधायक बनवा रहे हैं कि नहीं? उन्हीं के साथ के गौरव सिंह बनवा रहे हैं। ढाई करोड़ का ठेका है। आप जांच कर लीजिए। सारी कलई खुल जाएगी कि कितना बड़ा घोटाला है।”

“ये सब बातें इसलिए कही कि, इस मामले का दूसरा पहलू भी सामने आए। मैंने कल शाम को ये सारी बात अध्यक्ष जी को बता दी है। मेरे खिलाफ कभी कोई एफआईआर नहीं रही। न ही मैंने कभी कोई अभद्र आचरण नहीं किया। संसद का आप मेरा कार्यकाल आप देख लीजिए। आप लोग तो नजदीक से देखे हैं। आदमी मान सम्मान के लिए ही राजनीति करता है, नहीं तो घर चलाने के लिए तो मेरे पास बहुत सारे व्यवसाय हैं। यही आत्मसम्मान ही था जिसके कारण मैंने ये किया। अगर मैं न मारता तो वो मुझे मार देता। मैं वहीं सार्वजनिक रूप से मर गया होता। मेरा अस्तित्व वहीं खत्म हो गया होता। आत्मसम्मान और आत्मरक्षा के ही कारण मैंने ये किया।”