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SBI ने भारतीय मुद्रा का किया बहिष्कार, परेशान लोगों ने चाकघाट थाने में दर्ज कराई शिकायत

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ईशू केशरवानी

ईशू केशरवानी

रीवा। इस समय चाकघाट मार्केट में सिक्कों का भंडार लग गया है।  1,2 और 5, 10 का भारतीय मुद्रा सबके लिए सिर का दर्द बन चुका है। प्रतिदिन सिक्के लेनेदेने को लेकर छोटे बड़े दुकानदार आटो चालक एवं ग्राहकों के बीच नोकझोक तथा बात बढ़ने पर मारपीट हो जाती हैं। परन्तु, मार्केट में रखे इफरात सिक्के को कम करने के लिए शासन-प्रशासन कोई भी ठोस कदम नहीं उठा रही हैं।

जिसके कारण सिक्के को लेकर लोगों में भारी आक्रोश रहता है। इस सिक्के का बहिष्कार खुद बैंक ही कर रही हैं, तो आम जनता इन सिक्के को कैसे स्वीकार करें। हम बात कर रहे हैं, रीवा जिले के चाकघाट कि जहां के व्यापारी, छोटे दुकानदार एवं स्थानीय लोग सिक्के कि बोझ से परेशान हो चुके हैं।

दुकानदार भाई दुकान में आऐ हुए सिक्के को मजबूरन 15 से 20 परसेंट तक कमीशन में देकर दूसरों से चलाते हैं। कहावत तो सुना होगा कमाई चारआना खर्चा आठआना पीड़ित सोपनल केशरवानी से मिली जानकारी के मुताबिक उसकी माता एक छोटी सी किराना कि दुकान चलाती है तथा उस दुकान से वह अपने बच्चों कि भरण पोषण एवं अपना एवं अपने बच्चों का जीवन यापन पूरा करतीं हैं तथा वह भारतीय स्टेट बैंक शाखा चाकघाट कि ग्राहक है।

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उसके दुकान पर कुछ सिक्के भी आते हैं, जो बाजार में सिक्के के भंडार होने से सिक्के मार्केट में नहीं लिये जाते एवं माता जी के कहने पर वह अपने माता जी के बैंक अकाउंट पर 8500 रूपये नोटों के साथ दो हजार रूपये 1 व 2 के सिक्के लेकर गया।

बैंक में कैशियर एवं बैंक प्रबंधक ने पहले तो सिक्के लेने के लिए सोपनल केशरवानी से लिखित आवेदन मांगा एवं जब वहां लिखित आवेदन के साथ 6 मार्च को पहुँचा तो कैशियर ने सिक्के लेने से पुनः मना कर दिया एवं जब पीड़ित बैंक प्रबंधक से बात करने गया, तो बैंक प्रबंधक पहले बात करने से कतरा रहे थे एवं फिर भारतीय मुद्रा को बहिष्कार करते हुए सिक्के जमा करने से साफ इंकार कर दिया।

दुकानदार भाइयों का कहना है कि जब सिक्के बैंक में जमा नहीं किया जाएगा, तो हम भी अपने दुकान पर सिक्के को स्वीकार करना बंद कर देंगे जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन एवं भारतीय स्टेट बैंक शाखा प्रबंधक कि होगी।

दुकानदार के लोगों ने बताया कि भारतीय स्टेट बैंक शाखा चाकघाट के प्रबंधक विनीत द्विवेदी तथा कर्मचारियों द्वारा ग्राहकों से हमेशा अभद्र तरीके से व्यवहार किया जाता है तथा काम करने में आनाकानी किया जाता है। इस समस्या को लेकर स्थानीय दुकानदार, मजदूरों एवं स्थानीय लोगों ने लिखित आवेदन के माध्यम से अपनी शिकायत चाकघाट थाने में दर्ज करा दी हैं।

लोगों ने थाने में शिकायत दर्ज कराने के बाद कड़ी कार्रवाई करने कि उम्मीद रखे हुए हैं, उनका कहना है कि अगर बैंक के ऊपर कोई भी ठोस कार्रवाई एवं उनकी समस्याओं का निराकरण  नहीं होगा तो वह भी सिक्के को स्वीकार करना बंद कर देंगे।

थाने में शिकायत दर्ज कराने के लिए गये सोपनल केशरवानी के साथ प्रकाश केशरवानी, मनोज केशरवानी, रवि गुप्ता, रावेन्द्र मिश्रा, मुकेश सिंह, आकाश माझी तथा महावीर सोनी आदि लोगों ने इस समस्या का समर्थन किया।

पीड़ितों लोगों ने समाचार के माध्यम से श्रीमान कलेक्टर महोदय रीवा, त्योंथर SDM, पुलिस अधीक्षक रीवा, रिर्जव बैंक एवं उच्चअधिकारियों को इस समस्या का समाधान करने के लिए अग्रह किया है।

बैंक कर्मचारी 4:30 के बाद बुलाते हैं:-

कुछ लोगों ने बताया कि जब  भारतीय स्टेट बैंक शाखा चाकघाट के कर्मचारियों को काम करने का मन नहीं रहता है, तो खाते से संबंधित कोई जानकारी या काम के लिए बैंक में जाओ तो बैंक कर्मचारी यह कह कर भगा देते हैं कि अभी हमारे पास समय नहीं है। 4:30 PM के बाद आना और जब वह उस समय पर जाते हैं तो उन्हें बैंक के बाहर ताला लटकता मिलता है क्योंकि 4:30 PM पर बैंक बंद हो जाता हैं।