BREAKING NEWS
Search
पत्रकार

चंदौली में पत्रकार के परिवार पर हमला, अाखिर कब तक हावी रहेगें गुंड़े-माफ़िया पत्रकारों पर

642

चंदौली में सम्मानित पत्रकार के भाई पर हुआ जानलेवा हमला, मामला दर्ज कर कार्यावाही करने के बजाये पुलिस लगी है सुलह-समझौता करवानें में…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: पत्रकारों की सुरक्षा का ढ़ोल यूपी सरकार लगातार पीटती आयी है, पूर्ववर्ती सरकार हो या अपने आपको सबसे बड़ा कानून का रखवाला कहने वाली योगी सरकार, पत्रकार पर हमला तब भी होता था और आज भी हो रहा है। नौबत यहाँ तक आ गई है कि पहले पत्रकार के परिवार पर हमला होता है और फिर पुलिस से सांठ गांठ कर मामले को सुलह-समझौते की टोकरी में डालने का प्रयास किया जाता है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब समाज का आईना, संविधान का चौथा स्तंभ यानि प्रेस और उससे जुड़े पत्रकारों पर होने वाले हमलों को ही सरकार रोकने में नाकाम है तो आम जन-मानस का तो भगवान ही मालिक है।

मामला चन्दौली कोतवाली क्षेत्र का है जहां एक समाचार पत्र के ब्यूरो प्रमुख के भाई ब्रह्मनंद तिवारी अपने प्लाट पर निर्माण कार्य करवा रहे थे तभी वहां दो-तीन लोगों के साथ नागेंद्र सिंह नाम का व्यक्ति आ गया और ब्रह्मनंद के साथ उलझ गया। इससे पहले कि ब्रह्मनंद कुछ समझ पाते नागेंद्र और उसके साथियों नें उन्हे बुरी तरह से मारना-पीटना शुरु कर दिया। जान बचाने के लिए श्री तिवारी वहां से भागे लेकिन गुंड़ों नें उन्हे ऐसे नही छोड़ा। अकेले ब्रह्मनंद तिवारी पर भारी तीन गुंड़े उन्हे दौड़ा-दौड़ाकर सड़क पर सरेआम पीटते रहे। श्री तिवारी नें किसी तरह कोतवाली पहुँचकर अपनी जान बचाई।

सूचना मिलने पर पत्रकार दयानंद तिवारी अन्य पत्रकार साथियों के साथ कोतवाली पहुँचे और लिखित तहरीर दी ताकि हमलावर नागेंद्र सिंह के खिलाफ उचित धाराओं के अंतर्गत कार्यावाही की जा सके। आरोप है कि चंदौली कोतवाली पुलिस नें मामले को रफादफा करने की कोशिश की।

यह भी जानकारी मिली है कि पत्रकार के भाई पर हमला करने वाला नागेंद्र सिंह एक दबंग है और पहले से ही उस पर कई मामले लंबित है, यह भी बताया गया है कि आरोपी का पुलिस से काफी अच्छा याराना है और क्षेत्रीय पुलिसकर्मीयों के साथ उसका उठना बैठना है।

समाचार लिखे जानें तक सूचना यह है कि अभी तक कोतवाली पुलिस नें ब्रह्मनंद तिवारी की शिकायत पर कोई कार्यावाही नही की है और मामले को सुलह-समझौते से निपटाने की पूरी कोशिशें जारी हैं। पत्रकार परिवार हर हाल में चंदौली पुलिस से सुरक्षा की गारण्टी चाहता है लेकिन उससे पहले नागेंद्र सिंह और उसके अज्ञात साथियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करवानें की मांग पर अड़ा है।