World Standards Day

‘विश्व स्तनपान सप्ताह’ पर सेविका को दिया गया प्रशिक्षण

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शेखपुरा। घाटकुसुम्भा प्रखंड अंतर्गत बालविकास कार्यालय में विस्व स्तनपान सप्ताह (1 अगस्त से 7 अगस्त तक) के अंतर्गत आई.एल.ए मिड्यूल्स 4, नवजात शिशुओं में स्तनपान का अवलोकन – क्यों और कैसे? के बारे में परियोजना के सभी सेविका को बी.बी.टी.ओ सेराज हसन और महिला पर्यवेक्षिका आभा कुमारी के द्वारा प्रशिक्षण दिया गया।

इस मौके पर बताया गया कि बच्चे के जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान करना अनिवार्य है। माँ का पहला गढ़ा पिला दूध (कोलेस्ट्रम) शिशु के लिए अमृत समान होता है जो बच्चे के लिए पहला टिका का काम करता है और शिशु का रोग प्रतिरोधक छमता बढ़ता है।

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Photo: बी.बी.टी.ओ सेराज हसन और महिला पर्यवेक्षिका आभा कुमारी ANM को प्रशिक्षण देते हुए

सेराज के द्वारा बताया गया की जन्म के तुरंत बाद स्तनपान का अवलोकन कैसे करना है, हमें स्तनपान का अवलोकन कब करना चाहिए, स्तनपान से कमज़ोर शिशु को कैसे पहचाने, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता क्या करें?

1. जन्म के दिन ( संस्थागत जन्म) स्तनपान का अवलोकन करना
2. जन्म के दीन ( घर पर प्रसव ) स्तनपान का अवलोकन करना
3. शिशु के बीमार पड़ जाने पर स्तनपान का अवलोकन करने

स्तनपान करते समय शिशु क्या सही से स्तन चूस रहा रहा है, स्तनपान करते समय स्तन का काला / भूरा हिस्सा पूरी तरह शिशु के मुह में होना चाहिए शिश स्तन को लगातार चूस रहा इसका ख्याल रखना है।

शिशु को माँ सही स्थिति से गोद में लें ताकि शिशु को दूध पीने में दिक्कत ना हो सही स्थिति में अगर माँ बच्चे को नही लेती है तो बच्चा भूखा राह जाता है और बच्चा जल्दी बमार पड़ने लगता है सभी सेविका को निर्देस दिया गया है के अपने पोषक छेत्र के लाभार्थियों को इस सप्ताह स्तनपान पर पूरी तरह से जागरूक करेंगी