सांसद रीती पाठक

ट्रेनों के स्टॉपेज को लेकर फिर गरमाई राजनीति, ट्रेनों के ठहराव को लेकर सांसद को घेरा 

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राम बिहारी की रिपोर्ट,

सीधी। आवागवन के संसाधनों की कमी से जूझ रहे जिले के लोगों को कटनी चोपन रेल मार्ग मे चलने वाली रेलों को रेलवे स्टेशनों मे रोंकने के लिये संघर्ष करना पड़ रहा है।

बीते पांच माह से जहां जिला पंचायत अध्यक्ष मड़वास में रेलों के स्टॉपेज को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। तीन घंटे तक जवरीना रेल रोंकने के बाद भी कामयावी हासिल नहीं हो सकी।

वहीं मझौली जनपद के पास बने जोवा रेलवे स्टेशन मे रेलों के ठहराव की मांग तेजी से की जा रही है। बीते माह बने सर्वदलीय रेल रोको संघर्ष समिति ने रविवार को सीधी सांसद के बंगला में पहुंचकर जहां उनसे रेलों के ठहराव की मांग का ज्ञापन सौपा है। वहीं रेल मण्डल को पत्र लिखकर सांसद ने रेलों के ठहराव की अनुसंसा भी करना पड़ा है।

बता दें कि सांसद रीति पाठक ने सिंगरौली से चलने वाली रेलों को खुद के सौगात दिलाने का दावा कर रही है। लेकिन सीधी जिले के एक भी स्टेसन मे किसी भी रेल के रूकने की प्रयास नहीं कि है। जिसको लेकर बीते माह से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

सांसद ने सिंगरौली जिले के सरई ग्राम में रेलों के रूकने का प्रस्ताव किया था। इसका खुलासा मड़वास में हुए आन्दोलन के दौरान हुआ। तब से जोवा के रेलवे स्टेशन मे रेलों के रूकने की मांग तेज हुई है।

रविवार को सांसद रीती पाठक के आवास पर सुबह से ही मझौल व ब्यौहारी के नेताओं का आना शुरू हो गया था। सुबह दस बजे तक उनका आवास रेल रोकने की मांग करने वालों से खचाखच भर गया था। इस दौरान रेल रोको सघर्ष समिति के संयोजक डॉ. अशोक तिवारी के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में जोबा रेल्वे स्टेशन पर एक्सप्रेस गाड़ियों के स्टॉपेज की मांग मुख्यरूप से ईंटरसीटी और अन्य गाड़ियां जिनका स्टॉपेज सीधी जिले में नहीं है मांग पत्र सौपा है।

सांसद को समिति ने बताया कि 1961 में जब यह रेल लाइन बनी तब जोबा महत्वपूर्ण स्टेशन माना गया। जोबा स्टेशन से महज 7 किमी सीधी जिले का सबसे बड़ा कसबा मझौली लगा हुआ है। सदस्यों ने जोबा में स्टॉपेज की मांग ज्ञापन सौंपने वालों में प्रमुख रूप से सरिता शुक्ला जिलापंचायत सदस्य, रामसखा शर्मा जिलाकार्यसमिति सदस्य भाजपा, रामसखा सोनी पार्सद लोरिक यादव, विजय गुप्ता, देवेश सिंह बघेल,  एरंगदेब कुशवाहा सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थें।