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पेंशन के लिए मां की मौत के चार महीने बाद तक बेटों नें नहीं किया अंतिम संस्कार, दुर्गन्ध आयी तो पड़ोसियों ने बुलाया पुलिस को

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मां का मृत शरीर घर में ही एयरकंडीशन्ड रूम में रखकर हर महीने बैंक से निकाल लेते थे मां की पेंशन, मामला खुला तो बैंक नें दर्ज कराया मुकदमा…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

वाराणसी: भेलूपुर थाना क्षेत्र के दुर्गाकुंड पुलिस चौकी से चंद कदम दूर स्थित आवास विकास के फ्लैट में सालों से रह रहीं सेवानिवृत्त कस्टम सुपरिटेंडेंट दया प्रसाद की पत्नी अमरावती देवी की मौत के बाद चार महीने तक बच्चों द्वारा पेंशन लिया जाता रहा। इस मामले में न तो पुलिस की खुफिया तंत्र को महिला के मरने के बाद घर में होने की जानकारी मिली और न ही बैंक प्रबंधन को कोई शक हुआ।

चोरी छिपे मृतका का बड़ा बेटा रवि प्रकाश हर महीने पेंशन की राशि लंका स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शाखा से निकालता और पूरा परिवार मजा लेता था। आसपास के लोगों के मुताबिक, घर की बिजली कटी तो लाश से दुर्गध उठने लगी। इसके बाद पुलिस पहुंची और फिर मामले का खुलासा हुआ। इस मामले में बैंक प्रबंधक की तहरीर पर आरोपी रवि प्रकाश के खिलाफ भेलूपुर थाना में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस का कहना है कि मृतका के परिवारवालों का दावा है कि मां का ब्रेन डेड हो गया था। इसके बाद चार महीने से घर पर ही रखकर उनकी सेवा कर रहे थे। वह कभी कभी पानी और ग्लूकोज भी ग्रहण करती थी। दो दिन पूर्व ही मौत हुई है। ऐसे में 14 जनवरी को बीएचयू द्वारा मौत की रिपोर्ट पर सवाल उठने लगा है।

गुरुवार को हुई पोस्टमार्टम के रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है। वहीं इस मामले में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह के अनुरोध पर बैंक प्रबंधक मोहम्मद दानिश की तहरीर पर पुलिस ने अमरावती देवी के बड़े बेटे रवि प्रकाश के खिलाफ 251/18, 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी की धारा में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस की ओर से आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। उधर, मां के शव के पोस्टमार्टम के लिए परिवार के सभी सदस्य बुधवार को बीएचयू अस्पताल में डटे रहे।

वृद्धा की मौत और शव घर पर रखने का मामला सार्वजनिक हुआ तो शहर भर के व्हाट्स एप ग्रुप पर लोग एक-दूसरे को शेयर करने लगे। कई लोगों ने घटनास्थल की फोटो और वीडियो भी व्हाट्स एप और फेसबुक सहित सोशल मीडिया के अन्य माध्यमोें पर भी शेयर की। सुबह से लेकर देर रात तक सोशल मीडिया पर यह मामला सुर्खियों में रहा और शहर की प्रमुख अड़ियों पर भी घटना को लेकर चर्चाएं जारी रहीं। लोगों का कहना था कि बनारस में अपने किस्म की यह पहली घटना है। इस दौरान अप्रैल 2018 में कोलकाता निवासी युवक द्वारा पेंशन के लिए मां का शव डीप फ्रीजर में रखने की घटना को भी लोगों ने एक-दूसरे के साथ साझा किया।