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जिले में लगातार हो रही बारिश बन चुकी है मुसीबत

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sarbjeet singh

सर्वजीत सिंह

श्रावस्ती। जिले में लगातार छह दिनों से हो रही बारिश मुसीबत बन चुकी है। इस बारिश ने कहीं न कहीं जिला प्रशासन और नगर पालिका के दावों की पोल भी खोल दिया है। बारिश से जगह-जगह पर जलभराव की स्थिति बन गई है। जिससे राहगीरों और गांव कस्बे के लोगों को भरी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश से राप्ती नदी के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। जिससे तटवर्ती गांवों के लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहमे हुए है। लगातार हो रही बारिश से अधिकाश खेत पानी से लबालब भरे हुए है। खेतों के उपर से पानी की धार चल रही है। सब्जी के खेतों विशेष रूप से लता वर्गीय पौधों को अधिक पानी होने से नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। पानी की पर्याप्त निकासी नहीं होने से सब्जी उत्पादकों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं।

जिले के गिलौला कस्बे में पानी भर जाने लोगो को काफी दिक्कत का सामना कर रोड पर सावधानी से चलना पड़ रहा है। तो वहीं जिला मुख्यालय के आस-पास गांव में बारिश की वजह से पानी भर जाने लोग अपने-2 घरों में दुबक कर बैठने को मजबूर हो गए है। तो वही जमुनहा तहसील इलाके में राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर लोग डर और सहम गये है।

बता दे, छह दिनों से हो रही इस बारिश से आम जनमानस को तो परेशानी उठानी पड़ी ही है, साथ ही जिले के सरकारी स्कूलों में भी इसका सीधा प्रभाव पड़ता दिखाई दिया जिले के अधिकांश स्कूल के बाउंड्री में पानी भर जाने से बच्चो ने स्कूल आना ही बंद कर दिया है।

तस्वीरे बयां कर रही हैं कि जिले में बारिश किस तरह मुसीबत बन चुकी है। कुछ तस्वीरे राप्ती नदी के किनारे पर बसे हुए गावों की है। जहां बारिश के वजह से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। तो वहीं गिलौला ब्लाक के मध्यनगर गांव के लोग राप्ती नदी के बढते जलस्तर को देखकर डर कर अपना मकान तोड़ रहे है।

तस्वीर गिलौला कस्बे की भी है जहां पानी भर जाने से लोगो को भरी दिक्कत उठानी पड़ रही है। कस्बे की सडके ताल-तलैया बन गई। राहगीर काफी दिक्कत उठाकर इन रास्तों को पार कर रहें है।

वही कुछ तस्वीरे सरकारी स्कूलों की है जहां पानी भर जाने से बच्चो ने स्कूल आना ही बंद कर दिया है। स्कूलों के बाउंड्री में काफी पानी जमा हो जाने बच्चे स्कूल के अंदर आ ही नही पाते है।

दरअसल, जिला एक बाढ़ ग्रसित क्षेत्र भी है। यहां हर साल राप्ती नदी का तांडव देखने को मिलता है। जिससे नदी के किनारे बसे सैकड़ो ग्रामीणों का घर नदी की कटान मे समा जाता है। वहीं लगातार बारिश से नदी के आसपास के गांव में दहशत का माहौल है। लगातार बारिश से लोगों की परेशानिया और चिंता बढ़ती दिख रही है।