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पत्थर माफियाओं के द्वारा सड़क पर हो रही जबरन खुदाई, आवागवन हुई बाधित

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Raghunandan Mehta

रघुनंदन कुमार मेहता

गिरिडीह। जिला के बिरनी प्रखंड के अन्तर्गत द्वारपहरी गांव में कई पत्थर खदान संचालित हो रहे है। इन खदानों का लीज है या नहीं यह तो जांच का विषय है। वहीं पत्थर खदानों के संचालक अब सड़क को भी नहीं बक्श रहे है। जी हां, पत्थर माफियाओं की करतूत यह है कि द्वारपहरी बाजार से पश्चिम दिशा की ओर जाने वाली सड़क के बीचों-बीच पत्थर उत्खनन किया जा रहा है।

पत्थर उत्खनन का कार्य इतनी तीव्र गति हो रहा है, कि खदान ने वृहद रूप धारण कर लिया है। गांव वालों का कहना है कि पत्थर खदान के संचालक काफी दबंग है, इस वजह से कोई ग्रामीण उनका विरोध नहीं करते। या ये कहें कि खदान संचालक का भय ग्रामीणों पर इस कदर हावी है कि गांव वाले इनके विरुद्ध में कुछ बोलना नहीं चाहते है।

नाम प्रकाशित नहीं करने के शर्त पर कुछ ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के बीचो-बीच संचालित पत्थर खदान डोमचांच निवासी राजू मेहता और आलोक मोदी का है। वे बेधड़क-बेखौफ सड़क की खुदाई करने से भी परहेज नहीं कर रहे है।

खदान में लगे हुए हैं बड़े-बड़े मशीन

अगर पत्थर खदान की बात करें तो इसकी गहराई इतनी है कि देखने से ही भयावह लगता है। यहां पर दर्जनों पोकलेन, जेसीबी और सैकड़ों हाइवा वाहन से दिन से रात काम किया जाता है। हैरत की बात यह है कि बीच सड़क और सड़क के किनारे वर्षों से पत्थर उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। वही आज तक विभाग को भनक भी नहीं लग पायी है।

आवागमन हुआ बाधित 

सड़क के बीचो-बीच पत्थर उत्खनन का कार्य होने से एक ओर जहां आवागमन बाधित हो गयी है। वहीं राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है। पगडंडी के सहारे लोग आना-जाना कर रहें है। पत्थर खदान की गहराई इतनी है कि अगर किसी तरह की कोई अप्रिय घटना होगी तो किसी का नामों निशान भी नहीं मिलेगा।

क्या कहते हैं सीओ

इस संबंध में पूछे जाने पर बिरनी सीओ पप्पू रजक ने फोन पर कहा कि मामला गम्भीर है। सड़क के किनारे या फिर बीच सड़क पर पत्थर उत्खनन का कार्य किया जा रहा है तो कार्रवाई जरूर होगी।