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Girl suicide from rblock bridge

ग्रेजुएशन की छात्रा ने ‘अपराध बोध’ में आर ब्लॉक फ्लाईओवर से कूद जान दे दी

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Patna: पटना में रह रही 20 साल की श्वेतांगी अपने घर में हुए चोरी से परेशान थी। उसे यह लग रहा था कि वो खुद का घर खाली छोड़कर बुआ के घर नहीं जाती तो ऐसा नहीं होता। उसका घर सुरक्षित रहता। न कोई सामान चोरी होती और न ही कैश जाता। यह बात उसके दिमाग में बैठ गई। वो लगातार परेशान रहने लगी। उसे गिल्ट फिल होने लगी। इसी का नतीजा है कि उसने आर ब्लॉक में बने नए फ्लाईओवर से छलांग लगाकर अपनी जान दे दी। नीचे सड़क पर गिरते ही उसकी मौत हो गई। सड़क पर खून फैल गया। उसके एक पैर का चप्पल मौत के काफी देर बाद भी घटना स्थल पर ही पड़ा रहा।

सड़क पर पसरा खून और श्वेतांगी के एक पैर का चप्पल।
सड़क पर पसरा खून और श्वेतांगी के एक पैर का चप्पल।

निगरानी में ASI हैं पिता

श्वेतांगी के पिता संजय कुमार मिश्रा बिहार पुलिस में एएसआई हैं और काफी समय से निगरानी अन्वेषण ब्यूरो में पोस्टेड हैं। गुरुवार की दोपहर हुए इस घटना ने हड़कंप मचा दिया। घटना की जानकारी मिलते ही सचिवालय और कोतवाली थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। घटना वाली जगह सचिवालय थाना के तहत है। थानेदार सीपी गुप्ता के हाथ लड़की का मोबाइल फोन लगा। उसके मोबाइल से पुलिस वालों ने ही परिवार को कॉल किया। इसके बाद ही श्वेतांगी की पहचान हुई।

परिवार मूल रूप से सीवान जिले के महाराजगंज का रहने वाला है। जो करीब 15 सालों से पटना के यारपुर राजपूताना मुहल्ले के शिवाजी पथ स्थित रत्नेश्वर तिवारी के मकान में किराए पर रह रहा है। सुसाइड के इस मामले की शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए आईजीआईएमएस भेज दिया।

पटना के यारपुर के शिवाजी पथ के इसी घर में पिछले 15 सालों से रह रहा है परिवार।
पटना के यारपुर के शिवाजी पथ के इसी घर में पिछले 15 सालों से रह रहा है परिवार।

आई ‘धप’ सी आवाज

आर ब्लॉक में जिस जगह पर श्वेतांगी ने कूद कर अपनी जान दी, उसके ठीक सामने में पुलिस चेक पोस्ट है। सिपाही अरूण कुमार संतरी ड्यूटी में थे। बात दोपहर 12:15 से 12:20 बजे के बीच की है। सिपाही अरूण के अनुसार उनकी नजर नीचे में चेकपोस्ट के चारों तरफ घूम रही थी। उसी बीच अचानक ‘धप’ सी एक आवाज आई। जब उन्होंने देखा तो एक लड़की गिरी हुई दिखी। सबसे पहले वो उसके पास पहुंचे। जब उसके नब्ज को चेक किया तो उसकी सांसे थम चुकी थी।

इसी जगह पुल के ऊपर से कूदी थी श्वेतांगी।
इसी जगह पुल के ऊपर से कूदी थी श्वेतांगी।

बाइक वालों ने की थी बचाने की कोशिश

आर ब्लॉक में बने नए फ्लाई ओवर पर गोलंबर बना है। गोलंबर के पश्चिम साइड से श्वेतांगी ने नीचे छलांग लगाई। जिस वक्त सिपाही अरूण कुमार मौके पर पहुंचे, ठीक 5 मिनट बाद 5-7 बाइक सवार लोग भी आए। सिपाही की मानें तो बाइक सवार लोग फ्लाई ओवर पर ही थे। उनके सामने श्वेतांगी कूदने जा रही थी। यह देख उन लोगों ने उसे पकड़ने व बचाने की कोशिश की थी, लेकिन वो देखते रह गए और चंद मिनटों के अंदर ही पूरी घटना हो गई।

बुआ के घर जाने निकली थी, पहुंच गई फ्लाईओवर पर

परेशान श्वेतांगी दोपहर 12 बजे से पहले अपने घर से निकली थी। मां और पिता को उसने कहा था कि बुआ के घर जा रही है। परिवार वालों ने उसे जाने भी दे दिया, लेकिन वो वहां गई नहीं। परिवार वालों को इस बात का पता तब चला, जब वो अपने बुआ के घर नहीं मिली। दरअसल, उसके निकलने से कुछ देर बाद ही छोटा भाई श्वेतांगी को खोजने बुआ के घर गया था, पर वो वहां पहुंची नहीं थी। यह जानकर परिवार वाले भी हैरान और परेशान थे। इसके कुछ देर बाद ही सचिवालय थाना से उन्हें फोन पर जानकारी मिली।

सचिवालय थाने में मृतका के परिजन।
सचिवालय थाने में मृतका के परिजन।

एक दिसंबर की रात हुई थी चोरी

श्वेतांगी ग्रेजुएशन की स्टूडेंट थी और खगौल महिला कॉलेज से पढ़ाई कर रही थी। एक दिसंबर को छपरा के मशरख में एक रिश्तेदार के घर शादी थी। पिता संजय कुमार मिश्रा, मां रेणु देवी और छोटा भाई शादी में शामिल होने के लिए उसी दिन शाम को मशरख चले गए थे। अकेले रहने की वजह से श्वेतांगी अपने घर को लॉक कर करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित बुआ के घर रहने चली गई थी। जब दो दिसंबर की सुबह वो वापस अपने घर आई तो उसे लॉक टूटा हुआ मिला, घर के सामान बिखरे मिले। ज्वेलरी और कैश की चोरी हो चुकी थी। इस वजह से वो तनाव में थी। कॉल कर पिता को जानकारी दी। मशरख से ही पिता ने गर्दनीबाग थाना और पुलिस के अपने कुछ साथियों को कॉल किया था।

गर्दनीबाग थानेदार अरूण कुमार के अनुसार कॉल से मिली जानकारी पर ही उन्होंने अपनी टीम भेजकर जांच शुरू करवा दी थी। शाम में पिता के आने के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी।

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