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प्रोमोशन से यूपी पुलिस में दरोगा हुये कम, इंस्पेक्टर ज्यादा, शासन की अपरिपक्वता सें पुलिस प्रशासन असमंजस में

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UP पुलिस में बड़ा बदलाव, कोतवाल के साथ कोतवाली पर पोस्ट होंगे 2 शिफ्ट में इंस्पेक्टर…

Ajit Pratap Singh

अजित प्रताप सिंह

 

 

 

 

 

लखनऊ: शासन की ओर से पुलिसकर्मीयों को बिना प्लानिंग प्रोमोशन देने से यूपी पुलिस इन दिनों असमंजस की स्थिति में है। बड़े पैमाने पर हुए पुलिस सब इंस्पेक्टरों के प्रमोशन के बाद ज़िलों में इंस्पेक्टरों की संख्या काफी बढ़ गई है, जबकि पुलिस सब इंस्पेक्टरों की संख्या बहुत कम हो गई है। जिस की वजह से कई ज़िलों में स्थिति यह है कि पुलिस चौकियों पर प्रभारी तैनात करने के लिए चिराग लेकर ढूढ़ने पर भी सब इंस्पेक्टर नहीं मिल रहे हैं।

अब इन हालात से निपटने के लिए उच्च स्तर पर मंथन चल रहा है। ज़िलों में कोतवालियों पर इंस्पेक्टर के साथ ही दो इंस्पेक्टरों को दिवसाधिकारी और रात्रि अधिकारी के तौर पर नियुक्त किये जाने पर मंथन चल रहा है। जबकि चौकियों पर एचसीपी को पोस्ट किये जाने की योजना है।

यूपी में अब पुलिस सब इंस्पेक्टरों की किल्लत हो गई है। एक साथ तीन हज़ार से ज़्यादा पुलिस सब इंस्पेक्टरों को प्रमोशन देकर इंस्पेक्टर बनाये जाने के बाद ज़िलों में दरोगाओं को चिराग लेकर ढूँढा जा रहा है। स्थिति कुछ ऐसी बन गई है कि पुलिस चौकियों पर पोस्ट करने के लिए दरोगाओं की कमी हो गई है। अकेले राजधानी में ही सवा सौ से ज़्यादा दरोगा कोतवाल बन गए हैं। कुछ ऐसा ही हाल दूसरे ज़िलों का भी है। दरोगाओं की कमी के चलते एचसीपी की चांदी होने वाली है। दरोगाओं की कमी की वजह से एचसीपी को चौकी इंचार्ज की कुर्सी पर पोस्ट किये जाने पर मंथन चल रहा है।

दरअसल बड़े पैमाने पर हुए प्रमोशन के बाद अब यूपी में सिर्फ 15140 पुलिस सब इंस्पेक्टर बचे है। इस में जीआरपी, सीबीसीआईडी, एन्टी करप्शन, 1090, यूपी 100 और विजिलेंस दरोगा भी शामिल हैं। अब दरोगाओं की कमी को पूरा करने के लिए भर्ती बोर्ड एचसीपी से दरोगा के पद पर प्रमोशन देने की तैयारी कर रहा है।

बड़े पैमाने पर हुए प्रमोशन के बाद अब ज़िलों में इंस्पेक्टरों की संख्या काफी बढ़ गई है। ज़िलों में कोतवालियों / थानों के मुक़ाबले इंस्पेक्टरों की संख्या कई गुना ज़्यादा हो गई है। जिस के बाद कोतवालियों और थानों पर प्रभारी कोतवाली के अलावा डे और नाईट शिफ्ट के लिए 12 घण्टे के रोटेशन पर इंस्पेक्टर पोस्ट किये जाने पर मंथन चल रहा है। 12 घण्टे की शिफ्ट में ड्यूटी करने वाले इंस्पेक्टर की ज़िम्मेदारी कोतवाली पर मौजूद रह कर थाने पर आने वालों की समस्या सुनने और उस का निदान कराने की होगी जबकि कोतवाली इंचार्ज पूरे थाने को हेड करेगा

डीआईजी क़ानून व्यवस्था प्रवीण कुमार कहते हैं, कि प्रदेश में पुलिस सब इंस्पेक्टरों की कोई कमी नहीं है। पुलिस सब इंस्पेक्टरों को प्रमोशन देने के बाद अब एचसीपी को प्रमोशन देकर दरोगा बनाने की प्रकिर्या चल रही है। ऐसे में सब इंस्पेक्टरों की कमी का कोई प्रश्न नहीं उठता है। कोतवालियों पर एक साथ तीन कोतवाल पोस्ट किये जाने के सवाल पर उन्होंने कहा की यह कोई नया प्रयोग नहीं है पूर्व में भी इस तरह के प्रयोग हुए हैं उन्हों ने कहा कि ज़िलों में पुलिस अफसर बेहतर निर्णय लेने की स्थिति में होते हैं। ऐसे में नया प्रयोग करने में कोई बाधा नहीं है।