योगी पर आपत्तिजनक ट्वीट मामले पर सुप्रीम कोर्ट नें पत्रकार को दी तुरन्त ज़मानत

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ टि्वटर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पत्रकार प्रशांत जगदीश कनौजिया को हजरतगंज पुलिस ने शनिवार को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया था। इंस्पेक्टर हजरतगंज राधारमण सिंह ने बताया कि टि्वटर पर मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट किया गया था…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

 

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से जुड़ा ट्वीट करने के मामले में गिरफ्तार पत्रकार प्रशांत कनौजिया को तुरंत जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि महज एक सोशल मीडिया पोस्ट के लिए किसी शख्स को लंबे समय तक न्यायिक हिरासत में नहीं भेजा सकता।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा, ‘’किसी भी नागरिक की आजादी के साथ समझौता नहीं किया जा सकता। संविधान इसकी गारंटी देता है और इसका हनन नहीं हो सकता।’’

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा है कि वह प्रशांत के ट्वीट का समर्थन नहीं करता है, लेकिन उनकी 22 जून तक न्यायिक हिरासत उचित नहीं है। बता दें कि प्रशांत की गिरफ्तारी के खिलाफ उनकी पत्नी जगीशा ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। इस याचिका पर जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस अजय रस्तोगी की वेकेशन बेंच ने सोमवार को सुनवाई शुरू की थी।

इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से कोर्ट में पेश हुए वकील ने कहा था कि योगी से जुड़े ट्वीट काफी गंभीर हैं, ऐसे में संदेश जाना चाहिए कि इस तरह की चीजें ना बोली जाएं। उनके जवाब में जस्टिस इंदिरा बनर्जी ने कहा, ”प्रशांत कनौजिया की रिहाई के आदेश का मतलब उनके ट्वीट का समर्थन नहीं है।”

उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित हजरतगंज थाने में प्रशांत के खिलाफ शुक्रवार को मामला दर्ज किया गया था। पुलिस स्टेशन के ही सब इंस्पेक्टर ने कनौजिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था। मीडिया से बातचीत में प्रशांत की पत्नी जगीशा ने बताया था कि प्रशांत को अरेस्ट करने आए पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे।

इस मामले पर पुलिस ने बताया था कि योगी आदित्यनाथ के खिलाफ ‘आपत्तिजनक’ सोशल मीडिया पोस्ट को शेयर करने और उनकी इमेज को खराब करने के आरोप में एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया।

क्या था मामला?
प्रशांत ने हेमा नाम की एक महिला का वीडियो शेयर किया था। वीडियो को शेयर करते हुए प्रशांत ने एक कमेंट भी लिखा था। पूरा विवाद इसी पोस्ट से जुड़ा हुआ था।

वीडियो में महिला (हेमा) पत्रकारों से बातचीत करते हुए योगी आदित्यनाथ से प्यार संबंधी दावे कर रही थी। महिला ने दावा किया कि वो पिछले एक साल से योगी आदित्यनाथ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए टच में है। महिला का कहना था कि वो पूरे प्रकरण के चलते तनाव में हैं और योगी आदित्यनाथ को सामने आकर उनसे बातचीत करनी चाहिए।