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Surajkund Mela 2020

Surajkund Mela 2020: आज से शुरू हो रहा है सूरजकुंड मेला, यहां पढ़ें इससे जुड़ी हर जानकारी

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New Delhi: सूरजकुंड मेला प्रांगण एक बार फिर देशी-विदेशी हस्तशिल्पियों की कारीगारी और पर्यटकों के अवलोकन का गवाह बनने को तैयार है। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त ड्रेस डिजाइनर रितु बेरी के मार्गदर्शन में सजाए गए मेला प्रांगण में शनिवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद एक से 16 फरवरी तक चलने वाले मेले का उद्घाटन करेंगे। उज्बेकिस्तान पार्टनर कंट्री और हिमाचल प्रदेश थीम स्टेट के रूप में शामिल हैं, वहीं एक और खास आकर्षण पहली बार किसी यूरोपियन देश का मेले का हिस्सा बनने का है और यह सौभाग्य प्राप्त हो रहा है इंग्लैंड को। इंग्लैंड सहित कुल 40 देशों के शिल्पी मेले में भाग ले रहे हैं, पिछली बार यह संख्या 30 थी। मेले की पूर्व संध्या पर के पर्यटन मंत्रालय के सचिव योगेंद्र त्रिपाठी, हरियाणा के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजयवर्धन, हिमाचल के अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान और उज्बेकिस्तान केराजदूत फरहाद अरजेव ने मेले की विशेषताओं के बारे में मुख्य चौपाल पर विस्तृत जानकारी दी।

सुबह 11 बजे होगा शुभारंभ

योगेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि वर्ष 1987 में पहली बार शुरू हुए मेले के 34वें संस्करण का राष्ट्रपति रामनाथ र्कोंवद सुबह 11 बजे मेले का शुभारंभ करेंगे। हरियाणा के राज्यपाल सत्यदेव नारायण आर्य उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता करेगे। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, मेजबान हरियाणा के पर्यटन मंत्री कंवरपाल गुर्जर परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा व हरियाणा पर्यटन निगम के अध्यक्ष रणधीर गोलन और विधायक सीमा त्रिखा उद्घाटन समारोह का हिस्सा बनेंगे।

40 देश बनेंगे हिस्सा

योगेंद्र त्रिपाठी व विजयवर्धन के अनुसार शिल्पमेला पूरे भारत के हजारों शिल्पकारों को अपनी कला और उत्पादों को व्यापक दर्शकों को दिखाने में मदद करता है। मेले के जरिए देश की कभी समृद्ध रही शिल्पकला को पुनर्जीवित करने में भी मदद मिलती है। विजयवर्धन के अनुसार पिछले वर्ष अफ्रीका और एशिया के 30 से अधिक देशों ने मेले में भाग लिया था। इस बार इंग्लैंड के पांच शिल्पी भी भाग लेंगी। इसके लिए सूरजकुंड मेला प्राधिकरण और ब्रिटिश काउंसिल के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इंग्लैंड सहित 40 देश मेले का हिस्सा होंगे, जिसमें पार्टनर कंट्री-उज्बेकिस्तान, अफगानिस्तान, आर्मेनिया, बांग्लादेश, भूटान, मिस्न, इथियोपिया, घाना, कजाकिस्तान, मलावी, नामीबिया, नेपाल, रूस, दक्षिण अफ्रीका, श्रीलंका, सूडान, सीरिया, तजाकिस्तान, थाईलैंड, ट्यूनीशिया, तुर्की, युगांडा, ब्रिटेन, वियतनाम और जिम्बाब्वे से उत्साही भागीदारी होगी।

हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत गुलदस्ता महकेगा

हिमाचल प्रदेश इस बार थीम राज्य है। इस राज्य के विभिन्न जिलों से कलाकार शिल्प और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेंगे। हिमाचल प्रदेश के सैकड़ों कलाकार विभिन्न लोक कलाओं और नृत्यों का प्रदर्शन करेंगे। पारंपरिक नृत्यों और कला रूपों से लेकर व्यंजनों तक, दर्शकों को लुभाने के लिए हिमाचल के कलाकार सांस्कृतिक विरासत का गुलदस्ता लेकर आए हैं। हिमाचल की सांस्कृतिक विरासत का गुलदस्ता महकेगा।

इस बार होंगे तीन फैशन शो

मेले की मानद सलाहकार प्रसिद्ध फैशन डिजाइनर रितु बेरी के सानिध्य में इस बार तीन फैशन शो होंगे। जबकि आम तौर पर एक ही होता है। इसके अलावा पूरे पखवाड़े सांस्कृतिक संध्याओं का शानदार प्रदर्शन दर्शकों को मनोरंजन के लिए आकर्षित करेगा। हास्य कवि सम्मेलन सूफियाना कलाम, कव्वालियों की गूंज, नृत्य प्रदर्शन, गायक पदमजीत सहरावत व अन्य कलाकारों द्वारा मधुर बालीवुड नंबरों से दर्शकों को दिन भर मनोरंजन होगा। इन सबके अलावा और बहुत कुछ।

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