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Sushant singh fired from savdhan india

‘सावधान इंडिया’ से निकाले जाने पर बोले सुशांत- मुझे सही वजह पता नहीं, सिंटा में शिकायत करूंगा

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New Delhi:  ‘सावधान इंडिया’ फेम सुशांत सिंह का कहना है कि लोगों को इस बात से दिक्कत नहीं होनी चाहिए कि सेलिब्रिटीज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और एनआरसी जैसे मुद्दों पर अपनी राय नहीं रख रहे हैं। इस दौरान उन्होंने ‘सावधान इंडिया’ से निकाले जाने पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि वे इसे लेकर सिंटा (सिने एंड टीवी आर्टिस्ट एसोसिएशन) में शिकायत करेंगे।

‘आधी रात मैसेज आया कि आप शो में नहीं हैं’

एक बातचीत में सुशांत ने कहा, “असली कारण मैं भी नहीं जानता। लेकिन लोग कयास लगा रहे हैं। 16 दिसंबर की शाम मैं विरोध (सीएए के) में शामिल हुआ और आधी रात को मुझे मैसेज आ गया कि अब आप शो में नहीं हैं। उन्होंने विस्तार में कुछ नहीं बताया। इससे पहले न तो मुझे किसी तरह का मेल किया गया और न ही आमने-सामने बात हुई। मैं इस बारे में ट्वीट कर चुका हूं कि स्टार भारत (चैनल) द्वारा जारी किया गया बयान सच नहीं है। मैं इस मामले में सिंटा में शिकायत करूंगा।”

गौरतलब है कि स्टार भारत ने कहा था कि सुशांत का करार 15 जनवरी 2020 को खत्म होना था। लेकिन शो के फ़ॉर्मेट के चलते उन्हें आगे प्रेजेंटर की जरूरत नहीं है। इसलिए वे अनुबंध आगे का नहीं बढ़ाना चाहते। चैनल के मुताबिक, इसमें उनका कोई राजनीतिक नजरिया नहीं है।

‘सबके नजरिए का सम्मान करना चाहिए’

जब सुशांत से पूछा गया कि आखिर क्यों कई सेलिब्रिटीज इस मुद्दे पर अपने विचार रखने से कतरा रहे हैं तो उन्होंने कहा, “आप जब किसी पॉजिशन पर होते हैं तो कुछ मामलों पर अपनी बात रखने का दबाव होता है। लोग आपको बहुत प्यार देते हैं और आप जो कुछ भी हैं, उसी प्यार की बदौलत हैं। इसलिए वे आपसे उम्मीद करते हैं कि आप मामले में कुछ कहेंगे। मैं लोगों से कहना चाहता हूं कि सबका अपना नजरिया होता है और हमें उसका सम्मान करना चाहिए।”

‘क्रांति का श्रेय यूथ को जाता है’

बकौल सुशांत, “जो लोग सीएए के खिलाफ हैं और आपका समर्थन कर रहे हैं, हमें उनकी सराहना करनी चाहिए। लेकिन अगर कोई सेलिब्रिटी अपना पक्ष नहीं रख रहा है तो भी हमें तकलीफ नहीं होनी चाहिए। सिर्फ भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में जो भी क्रांति आई है, वह सेलिब्रिटीज की वजह से नहीं, बल्कि यूथ की वजह से आई है। फिर चाहे वह आजादी की लड़ाई हो या फिर कुछ और। युवा शांतिपूर्वक सरकार का विरोध कर रहा है।” सुशांत 18 दिसंबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में हुए प्रदर्शन में भी शामिल हुए थे।