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Tejashwi yadav to Nitish kumar government

तेजस्‍वी का CM नीतीश पर हमला- अस्‍पतालों में सड़ रहे शव, इलाज-जांच की नकारा व्‍यवस्‍था

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Patna: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कोरोना (CoronaVirus) के इलाज व जांच की व्यवस्था पर तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि जो लोग जांच करा रहे हैैं, उनकी रिपोर्ट कई दिनों तक नहीं आ रही है। राष्‍ट्रीय जनता दल (RJD) के कई विधायक 19 दिनों से अपनी रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैैं। जबकि, जिनका टेस्ट नहीं हुआ, उनकी रिपोर्ट आ रही है। अस्‍पतालों में करोना संक्रमितों के शव सड़ रहे हैं। केंद्र व राज्‍य सरकारों द्वारा जारी संक्रमितों के आंकड़े अलग-अलग हैं। कोविड सेंटर (COVID Centers) में तैनात मेडिकल स्टॉफ के पास पीपीई किट (PPE Kit) तक नहीं है।

कोविड-19 का ग्लोबल हॉटस्पॉट बनता जा रहा बिहार

तेजस्‍वी ने कहा कि बिहार धीरे-धीरे कोविड-19 (COVID-19) का ग्लोबल हॉटस्पॉट (Global Hotspot) बनता जा रहा है। राज्य सरकार को कोरोना संक्रमितों की बढ़ रही संख्या को लेकर कोई चिंता नहीं है। राज्य में इस बीमारी से मरने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। तेजस्वी ने कोरोना प्रबंधन पर कटाक्ष करते एक वीडियो भी ट्वीट किया है, जो एक जांच केंद्र से संबंधित है।

अस्‍पताल में दो दिनों से बेड पर ही पड़ा संक्रमित का शव

तेजस्‍वी यादव ने एक अस्‍पताल का वीडियो भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि वहां संक्रमित कोरोना मरीजाें का इलाज बगल में इलाज के अभाव में मरे संक्रमित के दो दिनों से पड़े शव के बीच हो रहा है। मुख्‍यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और अधिकारियों को फोन करने के बावजूद दो दिनों से शव को नहीं हटाया गया है।

बिहार में सबसे कम जांच, सबसे अधिक संक्रमण वृद्धि दर

तेजस्वी यादव ने कोरोना संक्रमण रोकने में नीतीश सरकार को विफल बताते हुए कहा है कि बिहार में जांच सबसे कम और संक्रमण वृद्धि की दर देश में सबसे अधिक है। आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से बिहार के बराबर राज्य प्रतिदिन 30-40 हजार जांच कर रहे हैं। जबकि, बिहार में अभी अधिकतम 10 हजार जांच ही की जा रही है। बीते चार महीने के दौरान रोजाना जांच का औसत चार हजार से कुछ अधिक है।

30-35 हजार जांच हो तो रोज मिलेंगे चार-पांच हजार मरीज

तेजस्‍वी ने कहा कि कम जांच के बावजूद रोज एक हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं। जिस रफ्तार से कोरोना के मामले बढ़ रहे है, अगर रोज 30-35 हजार जांच हो तो रोज चार-पांच हजार नए मरीज मिलेंगे। तब बिहार कोरोना संक्रमण में देश में सबसे ऊपर हो जाएगा। यही स्थिति रही तो देश क्‍या बिहार विश्‍व में कोराना का बड़ा हॉट-स्‍पॉट बन जाएगा।

अस्पतालों की व्‍यवस्‍था पर उठाए सवाल, आइसीयू भी बेहाल

तेजस्‍वी ने कोरोना संक्रमितों के इलाज की व्‍यवस्‍था पर भी सवाल उठाए। कहा कि मरीज अस्पतालों में इलाज के अभाव में तड़प-तड़प कर मर रहे हैं। आइसीयू में मरीजों का ऑक्‍सीजन व इंजेक्‍शन उनके स्‍वजन लगा रहे हैं। सब कुछ भगवान भरोसे है।