atal bihari vajpaaye

एक चेहरा, जिसके आलोचक भी उनकी प्रशंसा करने से गुरेज नहीं करते थे…

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नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं रहे। मगर उनके विचार हमारे दिलो में जरुर रहेंगे। उनकी स्वास्थ ठीक होने के लिए पूरे देश के लोग दुआ कर रहे थे। मगर वक़्त को कुछ और ही मंजूर था। गुरुवार की शाम 5:05 मिनट पर उनका निधन हो गया। उनकी हालत पिछले दो दिनों से गंभीर चल रही थी।

93 साल के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन की पुष्टि  AIIMS के  हेल्थ बुलेटिन ने गुरुवार की शाम जारी की। उनकी मौत की खबर मिलते ही पूरा देश शोक में डूब गया। खबर मिलते ही तमाम दल के नेता  उनके अंतिम दर्शन के लिए अस्पताल पहुंचे। वहीं  इससे  पहले PM मोदी दो बार भाजपा के शिखर पुरुष अटल जी को देखने के एम्स पहुंचे थे। इनके आलावा  BJP अध्यक्ष अमित शाह भी वाजपेयी को देखने फिर अस्पताल पहुंचे थे।

भारत के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक होने की वजह से वाजपेयी से मिलने के लिए नेताओं और उनके प्रशंसकों का अस्पताल के बाहर तांता लगा हुआ था। राजनीति में रहने के साथ-साथ उनका साहित्य, कविताओं और फिल्मों से भी खास नाता रहा। 

वे भारतीय राजनीति के वो चेहरा थे। जिसके आलोचक भी उनकी प्रशंसा करने से गुरेज नहीं करते थे। वह ना सिर्फ एक सर्वमान्य नेता थे। बल्कि एक आदर्श इंसान भी थे। उन्होंने पद की सत्ता के साथ कभी भी समझौता नहीं किया। उनका रहन-सहन बिलकुल सादा रहा।