khalid kashmi

अंतरराष्ट्रीय सेमिनार से लौटने पर हुआ द ग्रेट स्कॉलर का बेगूसराय में भव्य स्वागत

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Moinul Haque

मोईनुल हक़ नदवी

बेगूसराय। बीते दिनों सात समंदर पार एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन एक अंतरराष्ट्रीय देश कतर के द्वारा तुर्की देश की राजधानी इस्तांबुल में आयोजित किया गया। जिसमें लगभग दुनिया के सभी देशों के प्रतिनिधि विद्वान स्कॉलर ने भाग लिया। उन्हीं में से एक बेगूसराय निवासी मुफ्ती ख़ालिद क़ासमी निमवी, द ग्रेट स्कॉलर, विश्व धर्म गुरु, मार्गदर्शक व महान शिक्षक ने भी भाग लिया।

उनकी महानता इससे भी समझा जा सकता है कि उनकी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2014 में राष्ट्रपति ने बेस्ट शिक्षक अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था। आपको बताते चलें कि जब 2014 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने पूरे भारतवर्ष के विभिन्न महान हस्तियों को अपने अपने कार्य क्षेत्र में बेहतर योगदान के लिए सम्मानित कर रहे थे।

तो उन्हीं में एक नाम मुफ़्ती खालिद निमवी का भी था। जिन्हें शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति अवार्ड से सम्मानित किया गया थाऔर ये गौरवमयी छन इतिहास के पन्नो में दर्ज हुआ। और हमारे लिए गर्व व सम्मान की बात है कि ऐसे ग्रेट स्कॉलर हमारे बीच हमारे मार्गदर्शन के लिए हर पल हर छन उपस्थित रहते हैं।

तुर्की के अंतरराष्ट्रीय समारोह से हज़रत की वापसी के बाद तो स्वागत समारोह की ऐसी आंधी चल पड़ी है जो थमने का नाम ही नहीं ले रही है और ऐसी आंधी चले भी कियूं न ? जिन्होंने एकअंतरराष्ट्रीय मंच पर जिला, राज्य और देश का प्रतिनिधित्व किया और सम्मान दिलाया और इसी लिए जिला भर में अलग-अलग स्थानों पर भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया जा रहा है और फूल माला व बुके देकर लोग अपनी मोहब्बत का इज़हार कर रहे हैं।

आपको अवगत कराते चलें कि मुफ़्ती खालिद निमवी एशिया के सबसे बड़े शिक्षा संस्थान दारुल उलूम देवबंद के छात्र रह चुके हैं और वहां शिक्षक के रूप में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो चुका है और आज बेगूसराय में जमीअत ओलेमा के अध्यक्ष है साथ ही शहर बेगूसराय के सबसे पुराने जोकि लगभग सौ साल पुराना है, शिक्षा संस्थान मदरसा बदरुल इस्लाम के सम्मानित शिक्षक में से एक हैं। उनके कई लेख व मकाले, अद्भुत रचनाओं की श्रेणी में आते हैं।