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सीधी में दो प्रत्याशियों को छोड़ शेष की जमानत जब्त होने की बनी आशंका

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- 29 अप्रैल को सीधी संसदीय क्षेत्र के संपन्न हुए चुनाव के बाद अब ऊंट किस करवट बैठेगा, इसका आकलन किया जाने लगा है. दलों के समर्थक अपने अपने प्रत्याशियों के जहां जीत के दावा कर रहे हैं, वहीं चुनावी गणित लगाने वाले राजनीतिक पंडित मतों के आधार पर पोलिंग बूथों पर पहुंचने वाले मतदाताओं के समीकरणों के आधार पर हार जीत के अंतर की बात करने लगे है.

वहीं बैठकों में प्रत्याशियों के जमानत जब्त होने की भी चर्चा है. जोरों से की जा रही है, सीधी संसदीय क्षेत्र मे 26 उम्मीदवार मैदान में थे. उनमें एक राष्ट्रीय दल के भी जमानत जप्त होने की चर्चा की जा रही है. जबकि वह राष्ट्रीय दल सीजी संसदीय क्षेत्र के जितने भी चुनाव हुए हैं. विजय उम्मीदवार के जीत के अंतर पर शेध लगाने में कामयाब होती है.

17वीं लोकसभा के चुनाव में यह राष्ट्रीय दल बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन था. सीधी संसदीय क्षेत्र बहुजन समाज पार्टी के वाले हुआ था. उसके उम्मीदवार प्रचार प्रसार में भी कमजोरी की. इस कारण उनके भी जमानत जब्त होने के आशा राजनीतिक पंडितों द्वारा लगाए जा रहे हैं.

वैसे भी जितने मत पड़े हैं. उससे कहा जा सकता है कि दो दलों के अलावा अन्य दलों और निर्दलीयों की जमानत जप्त हो ना लगभग तय 26 में से 24 उम्मीदवारों के जमानत जप्त होने के कयास लगाए जा रहे हैं. यह तस्वीर 23 तारीख को साफ हो सकेगी की जीत का सेहरा किसके सिर बंधेगा है और जमानत किसकी किसकी जीत होती है.

बता दें, कि सभी प्रत्याशियों को चुनाव लडऩे के लिए जमानत के रूप में चुनाव आयोग के पास एक निश्चित रकम जमा करनी होती है. जब प्रत्याशी निश्चित प्रतिशत मत हासिल नहीं कर पाता है, तो उसकी जमानत जब्त हो जाती है, यानी यह राशि आयोग की हो जाती है.

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 34 (1)(ख) के अनुसार लोक सभा का निर्वाचन लड़ने वाले सामान्य अभ्यर्थी को 25 हजार रुपए की प्रतिभूति राशि जमा करानी होती है. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी को आधी अर्थात साढ़े 12 हजार रुपए की प्रतिभूति राशि जमा करनी होगी. ऐसे में जमानत बचा पाने वाले प्रत्याशियों की ही प्रतिभूति राशि जमा हो पाएगी. शेष उम्मीदवारों की राशि जब्त कर निर्वाचन आयोग की हो जाती है.

इतने मत करने होंगे हासिल –

प्रतिभूति राशि वापस पाने के लिए हुए मतदान मतों का 16 प्रतिशत मत हासिल करना अनिवार्य है. मतदान संपन्न हो चुका है। 12 लाख 80 हजार 656 मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का प्रयोग किया गया. ऐसी स्थिति में जमानत बचाने के लिए अभ्यर्थियों को थोक के भाव में वोट पाना अनिवार्य है.

जमानत बचाने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 2 लाख 4 हजार 9 45 मत हासिल करने होंगे. स्थिति देखकर आंकलन किया जा रहा है कि 26 में से सिर्फ दो प्रत्याशी ही जमानत बचा पाएंगे, शेष 24 प्रत्याशियों की प्रतिभूति राशि आयोग के खाते में ही रह जाएगी.

भाजपा व कांग्रेस के अलावा अन्य प्रत्याशी नहीं बचा पाते जमानत-

पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर बात करें, तो 1994 के बाद आज तक भाजपा व कांग्रेस के अलावा अन्य राजनीतिक दल जमानत बचाने तक के लिए मत हासिल करने में सफल नहीं हो पाए हैं.

अपवाद स्वरूप सीधी संसदीय सीट से एक बार भाजपा व कांग्रेस को शिकस्त देते हुए तिवारी कांग्रेस के उम्मीदवार तिलकराज सिंह राजू न सिर्फ जमानत बचा पाए थे, बल्कि चुनाव भी जीतने में सफल हो गए थे.