BREAKING NEWS
Search
school

शिक्षक के हड़ताल के दौरान भी खुली रही स्कूल, इस संस्था ने पढ़ाया छात्रों को

390

मुकेश कुमार गोस्वामी की रिपोर्ट-

कोडरमा। चंदवारा प्रखंड के बेंदी पंचायत अंतर्गत सुदूरवर्ती वनांचल के मध्य स्थित छतारा गांव के उत्क्रमित मध्य विदयालय में भी पारा शिक्षक हड़ताल के चलते ताले लग चुके थे। जिस वजह से यहां के बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह से बंद पड़ चुकी थी और बच्चों का भविष्य अंधकार की तरफ जा रही थी।

यह गांव चरों तरफ से जंगल और पहाड़ों से घिरा हुआ है। बुनियादी सुविधाओं का आज भी अभाव इस गांव में देखने को मिल ही जाता है। बाल मित्र ग्राम बनने से इस गांव के निवासियों में आत्मविश्वास बढ़ा है। जो ग्रामीण पहले अपनी समस्या को लेकर ग्राम पंचायत तक नहीं जा पाते थे।आज वे प्रखंड मुख्यालय तक जा रहे हैं।

जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण 11जनवरी को देखने को मिला। जब स्कूल खुलवाने और एक सरकारी शिक्षक की मांग को लेकर स्कूल प्रबंधन समिति के लोग कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के सहयोग से प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी अरूण मिश्रा के पास पहुंचे थे।

बी.ओ. ने कहा कि आप लोग पहले उत्क्रमित मध्य स्कूल छतारा को खोलने में मदद करें, ताकि नामांकित 119 बच्चों की पढ़ाई सुचारु रूप से चल सके इसके बाद सरकारी शिक्षक के लिए जिला शिक्षा अधीक्षक के यहां बात रखेंगें।

इसमें आप लोग कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के लोगों का भी मदद लें। दूसरे दिन ही स्कूल प्रबंधन समिति और ग्रामीणों की बैठक बाल मित्र ग्राम छतारा में आयोजित कर स्कूल नियमित खोलने को लेकर विस्तार से चर्चा किया गया। पढ़ाने की जवाबदेही सामाजिक कार्यकर्ता सुरेंद्र सिंह को और मीड डे मील की जवाबदेही युवा मंडल और स्कूल प्रबंधन समिति को संयुक्त रूप से दी गई।

पिछले एक सप्ताह से स्कूल खुल रहा है ,बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लौटी है ,ग्रामीणों में विश्वास बढ़ा है ,उन्हें लगता है की हम लोग खुद से भी बहुत कार्य कर सकते हैं। सुरेंद्र सिंह नियमित चार घंटे स्कूल में समय देते हैं। बाल मित्र ग्राम बनने के बाद से यहां के लोगों में कुछ नया करने की जज्बा देखने की मिल रहा है।

बी.ओ.चंदवारा ने इस कार्य के लिए कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन का आभार जताया है। बंद पड़े स्कूलों को नियमित खुलवाने को लेकर कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के जिला समन्वयक हेमांक कुमार चौबे ने कई बार प्रयास किया किया, उसी का यह प्रतिफल है उपरोक्त जानकारी संस्था के सहायक परियोजना पदाधिकारी सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी ने दिया।