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इस परिवार ने आजादी के बाद पहली बार डाला वोट

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Hariom Kumar

हरिओम कुमार की रिपोर्ट-

गढ़वा- पहली बार, वह भी उम्र के अंतिम पड़ाव पर मतदान करने का एहसास कैसा होता है, यह मुसहर परिवार के गटौरी मुसहर एवं उसकी पत्नी राजमनी मुसहरीन से बेहतर कौन बता सकता है. हालांकि, श्री बंशीधर नगर के नयाखाड़ में निवास करने वाले मुसहर परिवार के सभी सदस्य पहली बार मतदान कर रहे हैं. 60 सदस्यीय इस कुनबे के मुखिया गटौरी एवं राजमनी हैं.

अब तक इस कुनबे को वोट देने का भी अधिकार प्राप्त नहीं था. किसी भी सदस्य का नाम मतदाता सूची में नहीं था और न ही किसी को सरकारी सुविधा का लाभ मिलता था. वहां के स्थानीय पत्रकारों ने इनकी बदहाल हालत की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की थी.

खबर पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त हर्ष मंगला एवं अनुमंडल पदाधिकारी कमलेश्वर नारायण ने विशेष कैंप लगवाकर इस परिवार के योग्य लोगों का नाम मतदाता सूची में जोड़वाया एवं आधार कार्ड व बैंक खाता भी खोलवाया था. खबर संकलन के दौरान ही गटौरी ने बड़े दु:ख के साथ कहा था कि “लगता है कि बिना वोट दिए ही मर जाऊंगा”. उन्होंने कहा था कि वोटर नहीं होने कारण ही कोई हमारी खोज-खबर नहीं लेता है.

लोकसभा चुनाव में सोमवार को इस मुसहर परिवार के 35 सदस्यों ने पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग किया. गटौरी मुसहर, राजमनी मुसहरिन, रामधनी मुसहर, फुलपती देवी, विजय मुसहर, मिठू मुसहर, ललिता देवी सहित परिवार के सभी सदस्यों ने पहली बार मतदान किया। सभी लोग मतदान को लेकर काफी उत्साहित दिखे. मुसहर परिवार के सदस्य अपने-अपने बच्चों को लेकर मतदान केंद्र पर पहुंचे थे.

“हमार अंतिम इच्छा ईहे रहे कि मरे के पहिले एक बार भोट डाल लेती उ सपना आज पुरा हो गईल. भोटर लिस्ट में नाम होये से अब नेतवन भी हमन पर ध्यान दिहे. अब तक कोई पूछे भी नाही आवत रहे. अबकी बार त ब्लोक से हमनी के भोट देवे बदिर नेवता भी देवे आइल रहन. बहुत बढिय़ा लागत बा कि हमहुँ ई देशवा के अदमी ही। अब भोट दे लेली त अब लागत बा कि हमार सब परिवार के सरकारी सुविधा मिली.” -गटौरी मुसहर.

“बहुते बढिय़ा लागत बा हमार पूरा परिवार आज भोट देवे आइल बा। पहली बार हमन भोट देवे आइल ही जइसे भोट देवे के मिलल बा वईसही अब हमनी के घर दुरा भी मिल जाइत त बड़ा बढिया होइत”- राजमनी मुसहरीन