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Medicine Injection

इस दवा ने जगाई उम्‍मीद, मरीजों को कमी नहीं होने देगा पटना AIIMS

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Patna: बिहार में कोरोना संक्रमण के विस्‍फोट के बीच यह राहत भरी खबर है। अब कोरोना मरीजों के इलाज के लिए इसकी दवा ‘रेमडेसिवीर’ (Remdesivir) की पटना के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान (AIIMS) में कमी नहीं होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे की पहल पर मंत्रालय ने पटना एम्स में जरूरतमंदों को यह दवा उपलब्ध कराने का फैसला किया है। इस संबंध में एम्स पटना को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। फिलहाल यह व्‍यवस्‍था दिल्‍ली के एम्‍स में है। कोरोना सक्रमण में रामबाण यह दवा वैक्‍सीन के पहले उम्‍मीद जगा रही है।इसके इस्‍तेमाल से मरीजों में मौत का जोखिम कम हो जाता है।

रविवार को केंद्रहय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने टेलीमेडिसिन ई संजीवनी सेवा की राज्यों के साथ समीक्षा बैठक की।

इसकी अध्यक्षता केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने की। मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने राज्‍यों के साथ स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की बैठक में एक्‍त निर्देश दिए।

पटना एम्‍स को रेमडेसिवीर का पर्याप्‍त स्‍टॉक रखने का निर्देश

बैठक में मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने रेमडेसिवीर दवा का पर्याप्‍त स्‍टॉक रखने का निर्देश एम्स पटना को दिया। यह दवा डॉक्टरों के परामर्श पर जरूरतमंदों को निशुल्क दी जाएगी। इससे पहले मंत्री ने पटना एम्स प्रबंधन से कोरोना वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल की भी जानकारी प्राप्त की। साथ ही प्लाज्मा डोनेशन के लिए किए जा रहे कार्यों से भी अवगत हुए।

टेलीमेडिसिन में बिहार बने रोल मॉडल, मदद को तैयार केंद्र

उन्‍होंने टेलीमेडिसिन ई-संजीवनी सेवा की राज्यों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान और भी कई निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जल्‍दी ही बिहार टेलीमेडिसिन के क्षेत्र में रोल मॉडल बने, इसके लिए केंद्र हर संभव मदद देने के लिए तैयार है। चिकित्सा-चिकित्सक आपके द्वार कार्यक्रम के तहत टेलीमेडिसिन को बढ़ावा दिया जाएगा। यह भी बताया कि बक्सर सदर अस्पताल देश का पहला सदर अस्पताल है, जिसे टेलीमेडिसिन के माध्यम से एम्स से जोड़ा गया है। कोरोना के संक्रमण काल में इसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहा है।