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नाश्ता नहीं करने वालों को हो सकती हैं यह समस्याएं

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धर्मवीर शर्मा की रिपोर्ट-

अबोहर। नाश्ता प्रतिदिन करें, ऐसा यूं ही नहीं कहा जाता। इसके पीछे भी वैज्ञानिक तर्क है। चिकित्सा विज्ञान में नाश्ता न करने वालों पर चल रही स्टडी को आगे बढ़ाते हुए एसएन में ब्योरा जुटाया जा रहा है। इसमें चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। सप्ताह में चार दिन नाश्ता न करने वालों को मधुमेह की आशंका 33 फीसद तक बढ़ गई है।

एसएन में डायबिटिक क्लीनिक में मरीजों को परामर्श और काउंसिलिंग की जाती है। इसमें 100 से 150 मरीज आते हैं। इनसे खानपान, दिनचर्या, परिवार में मधुमेह रोग सहित अन्य बिंदुओं पर पूछताछ की जाती है।

डायबिटिक क्लीनिक के प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अग्रवाल ने बताया कि न्यूट्रिशन ऑफ जर्नल में नाश्ता न करने वालों को मधुमेह होने पर शोध प्रकाशित हुआ है। इसे बढ़ाते हुए डायबिटीज क्लीनिक में आने वाले रोगियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। काउंसिलिंग में नाश्ते से लेकर रात के खाने तक के बारे में पूछा जाता है।

इसमें सामने आया कि ऐसे मधुमेह रोगी जो लंबे समय से नाश्ता नहीं कर रहे, वे जल्दबाजी में घर से निकल जाते हैं और नाश्ते की जगह फास्ट फूड ले रहे हैं। इससे उन्हें भूख ज्यादा लगती है और मोटापे का शिकार हो रहे हैं। रात के खाने के बाद 10 से 15 घंटे तक लोग कुछ खाते नहीं हैं। इस दौरान सुबह सात से आठ बजे के बीच पैनक्रियाज से इंसुलिन का स्राव होता है।

यह इंसुलिन ब्लड में शुगर के स्तर को नियंत्रित करता है, इसे ज्यादा और कम नहीं होने देता। मगर, जो लोग नाश्ता नहीं करते, उनका इंसुलिन काम नहीं आता है। यह लंबे समय तक चलता रहे तो इंसुलिन रेजिस्टेंट होने लगती है। धीरे धीरे इंसुलिन काम करना कम कर देती है और ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने लगता है। इससे टाइप टू डायबिटीज हो रही है।

नाश्ते में हो पौष्टिक आहार एसएन के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि पहले नाश्ता पेट भरकर किया जाता था। अब खानापूर्ति की जा रही है। नाश्ते में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन होना चाहिए। कार्बोहाइड्रेट और फैट कम होना चाहिए। बच्चे नहीं कर रहे नाश्ता, 30 फीसद है संख्या एक स्टडी के अनुसार नाश्ता न करने वालों की संख्या 30 फीसद तक है।

पिछले कुछ वर्षो से नाश्ता न करने वालों में स्कूल जाने वाले बच्चों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सुबह का नाश्ता हेवी, दोपहर का खाना सामान्य और रात का खाना हल्का होना चाहिए। मगर, उल्टा हो रहा है। इससे मधुमेह रोगियों की संख्या बढ़ रही है।

डॉ. अग्रवाल, मधुमेह रोग विशेषज्ञ, एसएन मेडिकल कॉलेज वजन कम करने के लिए लोग नाश्ता छोड़ रहे हैं। यह घातक होने लगा है। नाश्ते में पौष्टिक आहार नहीं लिया जा रहा, इससे भी मधुमेह रोगी बढ़ रहे हैं।