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पुराने नोटों का नया खेल जारी, कानपुर के बाद बनारस में पकड़े गये 14 लाख के पुराने नोट

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बीते दिनों कानपुर में भी पकड़ा गया था पुराने 96 करोड़ के नोट…

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

 

 

 

 

 

वाराणसी: पहले कानपुर और अब बनारस में पकड़ा गया पुराने नोटों का जखीरा यह बताता है कि कही न कही कोई गड़बड़ जरूर है जो पुराने रद्दी में बदल चुके 500, 1000₹ केे नोटों की याद फिर से काली कमाई वालों को अा गयी है और पुराने नोट बाहर आ रहे हैं। शक की सुई सीधे नेपाल की ओर घूमती है। सूत्र बताते है कि भारतीय सरकार की ढ़िलाई के कारण नेपाल में अब भी पुराने भारतीय नोटो को बदला जा रहा है। खबर है कि पुराने नोट की असली कीमत का 15 प्रतिशत नये नोटों में दिया जा रहा है। यानि 1000 की पुरानी नोट के बदले 150₹ के नये नोट। अब नेपाल इन बेमतलब की नोटें क्यो ले रहा है इसकी गणित भी हम आपको समझायेगें। फिलहाल आज की घटना के बारे में बात करते हैं।

कानपुर में बीते सप्ताह 96 करोड़ की पुरानी करेंसी का जखीरा मिलने के बाद वाराणसी पुलिस ने मंगलवार की रात लक्सा इलाके से 14 लाख रुपये के 500 के पुराने नोट के साथ तीन युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किये गये रितेश केशरी, राकेश थवानी और पंकज सरावगी लक्सा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।

रितेश और उसके साथी मनीष नाम के किसी युवक को उक्त पुराने नोटों की सप्लाई करने वाले थे लेकिन पहले ही हत्थे चढ़ गए। पुलिस अब मोबाइल नंबर के सहारे मनीष की तलाश में जुटी है। मनीष के हत्थे चढ़ने पर पुराने नोटों का खेल पकड़ में आएगा।

चेतगंज के क्षेत्राधिकारी सत्येंद्र तिवारी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में बताया कि एसएसपी के आदेश पर हो रही रात्रि गश्त के दौरान लक्सा इलाके में मजदा सिनेमा के समीप तीन युवक एक बैग लेकर संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते दिखे। पुलिस ने रोका तो तीनों गली में भागे। पुलिस ने तीनों को दौड़ाकर पकड़ा और बैग की तलाशी ली तो 500 के पुराने नोटों की कई गड्डियां मिलीं। तीनों को हिरासत में ले लिया गया।रामापुरा लक्सा निवासी रितेश कटे-फटे नोटों का धंधा करता है। ट्रेवल का काम करने वाले लक्सा निवासी राकेश थवानी और इसी थाना क्षेत्र के पंकज सरावगी बर्तन का कारोबारी है। पंकज और राकेश ने शहर के अन्य कारोबारियों से पुराने नोट जुटाए थे और रितेश को दिए थे। रितेश इनके बदले दोनों को एक-एक प्रतिशत कमीशन के रुप में प्रचलित नोट देता।

राकेश ने पूछताछ में बताया कि कटे-फटे नोट बदलने के धंधे के दौरान मनीष नाम के युवक से उसकी फोन पर बातचीत शुरू हुई। मनीष ने ही पुराने नोटों को बदलने का ऑफर दिया था। पकड़े जाने से पहले रितेश पंकज और राकेश के जरिए पहले भी कई बार पुराने नोटों को मनीष के जरिए बदलवा चुका था। रितेश को सात लाख पुराने नोट के बदले एक लाख रुपये बतौर कमीशन मिलता था। अपने कमीशन से ही वह पंकज और राकेश को कमीशन देता था।

रितेश का दावा है कि मनीष से उसकी मुलाकात नहीं हुई है, बस फोन से बातचीत होती थी। पुलिस की पड़ताल में मनीष का फोन नंबर से जुड़ा पता फर्जी निकला। मनीष कैसे और कहा इन नोटों को खपाकर प्रचलित रुपये देता था, गुत्थी अभी उलझी है।

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि रितेश गणतंत्र दिवस के बाद पचास लाख रुपये से अधिक पुराने नोटों की डील करने की तैयारी में था। पंकज से उसने कहा था कि अभी गणतंत्र दिवस के चलते चेकिंग चल रही है, पकड़े गए तो अधिक नुकसान होगा।

पुराने नोटों का नया खेल कैसे खेला जा रहा है जनमंच इसका जल्दी ही खुलासा करेगा, बने रहिये हमारे साथ…

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