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3 terrorist has been terminated in j&k

कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों में एक जैश का पाकिस्तानी कमांडर, सेना के 3 जवान जख्मी

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New Delhi: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में नागनाड़ चिम्मर  इलाके में आज सुबह सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक मुठभेड़ हुई, मुठभेड़ में तीन आतंकी मारे गए हैं। सेना के तीन जवान भी जख्मी हुए हैं अन्य विवरण प्रतीक्षारत है। आईजी कश्मीर विजय कुमार ने कहा कुलगाम में मारे गए तीन आतंकवादियों में अभी 2 की पहचान नहीं हुई है। एक जैश-ए-मोहम्म्द का कमांडर है वालिद भाई, ये IED एक्सपर्ट था और पिछले डेढ़ साल से यहां सक्रिय था। ये अब तक चार बार भागने में कामयाब रहा था और मोस्ट वांटेड था।

जम्मू- कश्मीर पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने बताया कुलगाम मुठभेड़ में मारे गए तीन आतंकियों में एक जैश ए मोहम्मद का पाकिस्तानी कमांडर भी है। यह पाकिस्तानी आतंकी आईईडी विशेषज्ञ था और बीते 2 माह के दौरान  चार बार मुठभेड़ के दौरान सुरक्षा बलों की चंगुल से बच निकलने में कामयाब रहा था।

पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि आज तड़के पुलिस को सूचना मिली थी कि आतंकियों का एक दल नागनाड़, चिम्मर में एक जगह अपने किसी संपर्क सूत्र से मिलने आया है। सूचना मिलत ही पुलिस ने सेना की 9 आरआर और सीआरपीएफ के साथ मिलकर आतंकियों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया। सुबह पांच बजे के करीब जवानाें ने घेराबंदी शुरु की। जवानों ने तलाशी लेते हुए जैसे आगे बढ़ने का प्रयास किया, एक जगह छिपे आतंकियों ने उन पर फायरिंग शुरु कर दी। जवानों ने भी अपनी पोजीशन ली और जवाबी फायर किया।

सुरक्षाबलों ने आतंकियों के भागने के सभी रास्ते बंद करते हुए उन्हें कई बार सरेंडर के लिए कहा। लेकिन आतंकियाें ने फायरिंग जारी रखी। आतंकियाें को सरेंडर करने के बजाय लगातार फायरिंग करते देख जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। जवानों के एक दस्ते ने आगे बढ़ आतंकियाें को उनके ठिकाने में ही मार गिराने का प्रयास किया। यह दस्ता सीधे आतंकियों की फायरिंग रेंज में आ गया और दस्ते में शामिल तीन जवान गोली लगने से जख्मी हो गए। लेेकिन जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्होंने दो आतंकियों को मार गिराया। इस बीच, अन्य जवानों ने अपने घायल साथियों को वहां से हटाते हुए जिंदा बचे आतंकियों को मार गिराने का अभियान जारी रखा।सुबह पौने आठ बजे तक दो आतंकी मारे गए थे। तीनों घायल सुरक्षाकर्मियों को उपचार के लिए श्रीनगर स्थित सेना के 92 बेस अस्पताल पहुंचाया गया है।

मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि जिंदा बचा एक अन्य आतंकी अगले 40 मिनट में मारा गिराया गया। आतंकियों की तरफ से फायरिंग के पूरी तरह बंद होने के बाद जवानों ने सावधानीपूर्वक आगे बढ़ते हुए मुठभेड़स्थल की तलाशी ली। सुरक्षाबलाें ने मारे गए आतंकियों के शव और उनके हथियार भी अपने कब्जे में ले लिए हैं। मारे गए आतंकियों की तत्काल पहचान नहीं हो पायी है, लेकिन तीनों जैश-ए-मोहम्मद के आतंकी बताए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार जो आतंकी मारा गया है वह किसी बड़े आतंकवादी संगठन से जुड़ा हो सकता है। पुलिस को तलाशी के दौरान उसके पास से रायफल और भारी गोला-बारूद मिला है। कई जिंदा कारतूस मिले हैं। कहा जा रहा है कि इन्हें विस्फोटक सामान के जरिए आंतकी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि मारे गए आतंकियों के कुछ और साथी इसी इलाके में छिपे हो सकते हैं,इसलिए एहतियात क तौर पर तलाशी अभियान को जारी रखा है। मुठभेड़स्थल की सफाई किएजाने तक स्थानीय लोगों को वहां से दूर रहने के लिए कहा गया है। उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकियों की पहचान के लिए स्थानीय लोगों से संपर्क किया गया है। अगरकाई उनकी पहचान करते हुए उन्हें अपना परिजन बताता है तो उसे आतंकियों को दफनाए जाने के मौक पर शामिलहोने दिया जाएगा।

बता दें कि इससे पहले  कि उत्तरी कश्मीर के सीमांत जिले कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में कल घुसपैठ की कोशिश को नाकाम करते हुए सेना ने एक आतंकी को मार गिराया था। केरन सेक्टर में बलबीर पोस्ट के करीब शाम चार बजे एलओसी पर सेना के जवानों को संदिग्ध हलचल देखने को मिली। सतर्क जवानों ने पाया कि मचिकमारी इलाके से तीन से चार आतंकियों का दल भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहा है। सेना की 19 गढ़वाल राइफल के जवानों ने आतंकियों को ट्रैक करने के बाद उन्हें ललकारा। इस पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी को मार गिराया गया। इसके बाद दूसरी ओर से फायरिंग बंद हो गई। आतंकी के पास से एक ए के 47 बरामद हुई है। सेना ने बताया कि तीन-चार आतंकियों का दल घुसपैठ करने की कोशिश कर रहा था। पूरे इलाके में अन्य आतंकियों का पता लगाने के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

सेना ने आस-पास के पूरे इलाके में तलाशी अभियान चला रखा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई आतंकी घुसपैठ कर घने जंगलों में छिपा तो नहीं है। हालांकि, उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य आतंकी पीओके भाग गए हैं।