Kalavya Residential School Tansar

कमी को छुपाने के लिए करातें रहें नकल, रुका परिणाम तो ठिकाने आई अक्ल

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Rambihari pandey

रामबिहारी पांडेय

सीधी- जिले के सबसे बड़े आदिवासी विद्यालय कलव्य आवासीय विद्यालय टंसार का कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम सीबीएसई बोर्ड द्वारा रोक दिया गया है. परीक्षा परिणाम रोक दिए जाने को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी स्पष्ट करने को तैयार नहीं है.

उनके द्वारा पूरे मामले में पर्दा डालने का प्रयाश किया जा रहा है, लेकिन विभागीय सूत्रों की माने तो परीक्षा परिणाम सामूहिक नकल प्रकरण की रिपोर्ट पर रोका गया है. परीक्षा परिणाम रूकने से करीब आधा सैकड़ा से अधिक बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया है.

करोड़ो रूपए हो रहे खर्च-

जिले के आदिवासी विकासखंड कुसमी के टंसार में संचालित एकलव्य आवासीय विद्यालय जिले के विशेष विद्यालयों में शुमार है. इस तरह की जिले की है इकलौती विद्यालय है, विद्यालय के अध्यक्ष स्वयं कलेक्टर हैं, विद्यालय का संचालन आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत किया जाता है.

यहां करोड़ों का बजट प्रति वर्ष खर्च किया जा रहा है. लेकिन, व्यवस्थाओं पर किसी का ध्यान नही है, यहां प्राचार्य के प्रभार की कुर्सी को लेकर भी होड़ मची रहती है. अध्ययन अध्यापन भगवान भरोसे ही चल रही है.

कक्षा 10वीं का सभी छात्रों का रूका परीक्षा परिणाम-

विभागीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सीबीएसई बोर्ड के तहत संचालित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में कक्षा 10वीं में 56 छात्र अध्ययनरत थे. लेकिन, बोर्ड द्वारा जब गत दिवस परीक्षा परिणाम रोका गया तो कक्षा 10वीं के समस्त छात्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया गया.

छात्र रिजल्ट देखने सीबीएसई बोर्ड की वेबसाइट सहित अन्य माध्यमों से परेशान रहे है. लेकिन, उनका परीक्षा परीक्षा परिणाम होल्ड रखा गया है. बाद में पता चला कि सामूहिक नकल प्रकरण के प्रतिवेदन पर परीक्षा परिणाम रोका गया है. जिससे अब विद्यालय के छात्र काफी चिंतित हैं, साथ ही अभिभावकों में भी काफी आक्रोश है.

कक्षा 12वीं के वाणिज्य संकाय का रूका परिणाम-

बताया गया कि कक्षा 10वीं के साथ ही कक्षा 12वीं के वाणिज्य संकाय का भी परीक्षा परिणाम सीबीएसई बोर्ड द्वारा रोक दिया गया है. कक्षा 12वीं वाणिज्य संकाय में 19 छात्र अध्ययनरत थे, इनके परीक्षा परिणाम रोकने का भी कारण सामूहिक नकल प्रकरण ही बताया जा रहा है. परीक्षा परिणाम रूकने से विद्यालय के ये छात्र व उनके अभिभावक भी काफी परेशान हैं.

ऐन वक्त पर बदल दिए गए थे प्राचार्य-

बताते चलें कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय टंसार में अब तक नियमित प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो पाई है. विद्यालय के प्राचार्य का प्रभार पूर्व में कुसमी विकासखंड के सबसे वरिष्ठ अध्यापक पीके पांडेय के पास था, उनके कार्यकाल में विद्यालय की व्यवस्थाएं भी चुस्त दुरूस्त थी, लेकिन परीक्षा के कुछ माह पूर्व ही विद्यालय के प्राचार्य का प्रभार राजनैतिक दबाव के कारण ब्लाक के सबसे कनिष्ठ व्याख्याता राधिका प्रसाद पटेल के हांथों में सौंप दिया गया.

उनके प्रभार संभालते ही विद्यालय की व्यवस्थाएं प्रभावित होने लगी. हलांकि, नियम विरूद्ध तरीके से सौंपे गए प्राचार्य पद के दायित्व को लेकर अभिभावकों द्वारा विरोध भी किया गया था. साथ ही आदिवासी विकास विभाग में भी इसको लेकर काफी चर्चाएं थी. लेकिन, राजनैतिक दबाव के आगे सब कुछ दरकिनार करते हुए राधिका प्रसाद पटेल को ही विद्यालय का प्रभारी बनाए रखा गया.

सूत्र बताते हैं कि प्रभारी प्राचार्य राधिका प्रसाद पटेल अपना नाम ऊंचा करने के लिए कक्षा 10वीं एवं 12वीं का परीक्षा परिणाम उत्कृष्ट लाने के लिए सामूहिक नकल करवा रहे थे, जिसका परिणाम यह रहा कि इसकी भनक बोर्ड को लग गई और परीक्षा परिणाम रोक दिया गया.

केंद्राध्यक्ष व प्रेक्षक की रिपोर्ट पर लिया गया संज्ञान-

विभागीय सूत्र बताते हैं कि परीक्षाओं का आयोजन तो एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय टंसार में ही किया गया. लेकिन, केंद्राध्यक्ष ज्योत्सना हायर सेंकेंडरी स्कूल हड़बड़ो सीधी के प्राचार्य को बनाया गया था. साथ ही यहां प्रेक्षक भी बाहर से नियुक्त किया गया था, जिनके सामूहिक नकल प्रकरण की रिपोर्ट पर ही परीक्षा परिणाम बोर्ड द्वारा रोक दिया गया है.

अभी कारण स्पष्ट नहीं-

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय टंसार का कक्षा 10वीं एवं कक्षा 12वीं के वाणिज्य संकाय का परीक्षा परिणाम सीबीएसई बोर्ड द्वारा रोक दिया गया है. परीक्षा परिणाम क्यों रोक दिया गया है यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, ऐसी चर्चा है कि सामूहिक नकल प्रकरण के प्रतिवेदन पर ऐसा किया गया है, लेकिन अभी प्राचार्य से इस संबंध में चर्चा नहीं हो पाई है.