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बेखौफ अपराधियों ने CM नीतीश को समस्तीपुर आगमन पर राजद नेता की हत्या कर सलामी दी है: फूलबाबू सिंह

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समस्तीपुर। प्रखंड के डढिया मुरियारो पंचायत के मुरियारो ब्रह्मस्थान में भाकपा (माले) का ब्रांच सम्मेलन विपिन पासवान की अध्यक्षता में की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रखंड सचिव फूलबाबू सिंह ने कहा कि लोकसभा चुनाव करीब आते ही बिहार अपराधियों के राज में तब्दील होते जा रहा है।

बेखौफ अपराधियों ने आज सुबह कल्याणपुर में राजद नेता रघुबर राय की गोली मारकर हत्या कर दिया है, लेकिन सीएम नीतीश कुमार अपनी उपलब्धि में क्राइम कंट्रोल और सुशासन की राज कहते नहीं थकते हैं।

लेकिन अपराधियों के द्वारा लगातार एक से बढ़कर एक अपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है, जनता त्रस्त है और साहब हैं कि बिहार में खोखली विकास का दावा परोसने में लगे हैं। भाकपा (माले) ने राजद नेता की हत्या की तीव्र निंदा करते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में जनता हर जुल्म का हिसाब नीतीश -मोदी से चुकता करके रहेगी।

सभा को सम्बोधित करते हुए माले नेता महावीर पोद्दार ने नीतीश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि समाज के सबसे दबे-कुचले व सामाजिक न्याय की प्रबल दावेदार बिहार के ढाई लाख रसोईयों के साथ सामाजिक अन्याय करने तथा उनके न्यायप्रिय हक़ अधिकार की मांगों से भागने का आरोप लगाया।

उन्होंने नीतीश से कानून का राज और महिला सशक्तिकरण का ढोंग बन्द करने को कहा। उन्होंने कहा कि कानून का राज का दम्भ भरने वाले नीतीश राज में एक ही तरह के काम में दो तरह का मजदूरी लागू है,रसोईयों जैसे काम के लिये घरेलू कामगारों को न्यूनतम मजदूरी 6109 रु० लागू है जबकि विद्यालय रसोईयों को जीवन यापन से बहुत कम मात्र 1250 रुपये मासिक दिया जा रहा है वो भी साल के 12 माह के बजाए 10 माह का ही भुगतान किया जा रहा है।

माले नेता मो. अलाउद्दीन ने नीतीश सरकार पर न्यूनतम मजदूरी कानून का उलंघन करने का आरोप लगाते हुए रसोईयों को पूरे काम का पूरा दाम देने और न्यूनतम मजदूरी कानून का पालन करने की मांग किया।

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार से दलित-अति पिछड़ी जातियों से आने वाली रसोईयों के श्रम का सम्मान करने तथा समान काम का समान वेतन के तहत 18 हज़ार मानदेय लागू करने तथा अविलम्ब वार्ता बुलाकर राज्य के लाखों गरीब बच्चों के हित में मांगे पूरा कर हड़ताल समाप्त करने की मांग किया है।

सम्मेलन में राजकुमार सिंह, चन्देश्वर महतो, रीता देवी, सुनीता देवी, लीला देवी, शिवनारायण चौरसिया, रमेश, रामजी सदा, अजबलाल महतो, रामसागर महतो, सुमिंत्रा देवी, संजय कुमार आदि ने भाग लिया।