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PMCH में मरीजों के जान के साथ खिलवाड़, सर्जिकल ICU यूनिट में अप्रशिक्षित डॉक्टर्स कर रहे हैं मरीजों का इलाज

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प्रवीण कुमार की रिपोर्ट-

पटना- सारे देश में ICU की जिम्मेवारी एनेस्थेटिक (निश्चेतना विभाग) की होती है. लेकिन, PMCH ने उल्टा नियम लागू कर रखा है. बिहार के सबसे बड़े सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, PMCH के सर्जिकल ICU की स्थिति अत्यंत दयनीय है.

सर्जिकल ICU में सर्जरी के PG छात्र तीन शिफ्ट में चौबीस घंटे ड्यूटी करते है. जिन्हें ICU सम्बन्धी मशीनों एवं इलाज की कोई पूर्ण जानकारी नहीं होती. ICU के लिए प्रशिक्षित डॉक्टर्स की जरूरत होती है. लेकिन, PMCH पटना में इसके विपरीत अप्रशिक्षित जनरल सर्जरी के PG डॉक्टर्स ड्यूटी पर रहते है.

प्रशिक्षित डॉक्टर्स (एनेस्थेटिक) की ड्यूटी सिर्फ सुबह में रहती है. इसके बाद ICU की साड़ी जिम्मेवारी जनरल सर्जरी के PG छात्रों पर जबरन ड्यूटी रोस्टर बनाकर डाल दी जाती है. जिसके फलस्वरूप गंभीर मरीजों की स्थिति अत्यंत गंभीर हो जाती है एवं कई बार मरीजों की मृत्यु तक हो जाती है.

अप्रशिक्षित सर्जरी PG छात्रों द्वारा सर्जिकल ICU के दौरान मरीजों के गंभीर होने पर एवं मरीज के मृत्यु होने पर कई बार मरीजों के परिजनों से बहस एवं मार पीट तक की नौबत आ जाती है. ICU इंचार्ज जो की एनेस्थेटिक विभाग के सीनियर डॉक्टर है, वे प्रशिक्षित डॉक्टर्स एनेस्थेटिक एवं सीनियर एनेस्थेटिक की ड्यूटी न लगाकर साड़ी जिम्मेदारी सर्जरी के हेड ऑफ़ डी डिपार्टमेंट पर डाल देते है.

फलस्वरूप मजबूरी बस सर्जरी हेड ICU ड्यूटी रोस्टर लगाकर अप्रशिक्षित (सर्जरी PG छात्र) डॉक्टर्स द्वारा सर्जिकल ICU ड्यूटी करवाते है, जिन छात्रों को ICU के मशीन, वेन्टिलेटर, ICU सेटिंग्स, ICU केयर यूनिट की शून्य जानकारी होती है. फलस्वरूप गंभीर मरीज अत्यंत गंभीर होकर कई बार मरने की स्थिति तक पहुंच जाते है.

यही नहीं, सर्जरी PG छात्रों द्वारा प्रशिक्षित डॉक्टर्स एनेस्थेटिक) को कॉल भेजने पर भी कई बारएनेस्थेटिकलेट से या फिर नहीं आते, जिससे गंभीर मरीजों की अकाल मृत्यु हो जाती है. PMCH प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना हुआ है, ऐसे में सर्जिकल ICU में भर्ती मरीजों की जान भगवान भरोसे है.