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23 मजिस्ट्रेट्स की निगेहबानी में बनारस की 561 प्रतिमाओं का विसर्जन प्लान तैयार

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–वर्ष 2015 में शंकर्राचार्य, बटुकों, पूजा कमेटी और गंगा में हाईकोर्ट के आदेशानुसार प्रतिमाओं के विसर्जन पर लगाई रोक को मनवाने के लिए पीएसी नें खूब चलाई थीं लाठियां
–उस घटना को ध्यान में रख प्रशासन नें बनाया है ब्लुप्रिंट, तब अखिलेश सरकार थी, अब योगी सरकार, इस बार ठीक मोहर्रम वाले दिन भी जारी रहेगा विसर्जन

Shabab Khan

शबाब ख़ान (वरिष्ठ पत्रकार)

वाराणसी। जिले में इस बार 561 दुर्गा प्रतिमा स्थापित की जा रही हैं। दुर्गा पूजा सकुशल संपन्न कराने तथा  मुहर्रम के दिन भी प्रतिमा विसर्जन का कार्यक्रम होने के कारण प्रशासन के समक्ष इस बार दोगुनी चुनौती होगी।

इसके लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने एक सुरक्षात्मक ब्लुप्रिंट तैयार कर लिया है, जिस पर अमल कर दुर्गा पूजा कमेटियों द्वारा की जाने वाली प्रतिमाओं के शांतिपूर्ण ढ़ग से विसर्जन करवानें की तैयारियॉ की गयीं है।

जनपद को 8 जोन 5 सेक्टरों में बांटकर 23 मजिस्ट्रेट्स संग भारी फोर्स की तैनाती की गई है।

डीएम योगेश्वर राम मिश्र के अनुसार जरूरी इंतजाम करने के निर्देश जारी किए जा चुके हैं। शहर में 247, जबकि देहात में 214 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित हो रही है। पंडालों की सुरक्षा-व्यवस्था दुरुस्त रखने के कमेटियों को दिशा-निर्देश जारी किये गये हैं। इस दौरान संदिग्धों पर नजर रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया है, साथ ही हर संदिग्ध वस्तु की जांच करने का निर्देश भी जारी किया गया है।

सर्वाधिक भेलूपुर में 8, दशाश्वमेघ में 5, चौक में 6, शिवपुर में 3, सारनाथ में 2 समेत, कुल 60 पंडालों को संवेदनशील माना गया है। प्रतिमा विसर्जन के लिए 10 सरोवर तैयार किए जा रहे हैं। इसके लिए विश्व सुंदरी पुल के समीप सरोवर बन रहा है, वहीं खिड़कियां घाट में भी तैयारी शुरू हो गई है। यहां की व्यवस्था खुद एडीएम प्रशासन मुनींद्र नाथ उपाध्याय, सीआरओ कृपा शंकर पांडे देख रहे है।

इसी तरह शिवपुर के गणेशपुर तालाब, कैंट के पहाड़िया तालाब, कोतवाली के कंपनी बाग, चेतगंज के ईश्वरगंगी तथा मछोदरी,लक्ष्मीकुंड, संकुलधारा, भिखारीपुर स्थित सरोवरों की साफ सफाई व तैयारी शुरू कर दी गई है। ताकि प्रतिमाओं को सकुशल विसर्जित किया जा सके।

ज्ञात हो कि 2015 से इलाहाबाद हाईकोर्ट नें किसी भी प्रकार की प्रतिमा का विसर्जन गंगा, यमुना या किसी भी नदी में करने पर संपूर्ण रूप रोक लगा दी थी। जिसके बाद से प्रशासन ने वैकल्पिक रूप से शहरो कई सरवरों का निर्माण करा कर एंव शहर के पुरानें तालाबों, कुण्ड़ों की साफ-सफाई करवाकर उसमें प्रतिमा का विसर्जन करवाना शुरू कर दिया, जो पिछले दे वर्षों से जारी है।

इस वर्ष 30 सितंबर से 1 अक्टूबर तक विसर्जन का आयोजन जारी रहेगा। डीएम द्वारा जारी आदेशों के क्रम में बताया गया कि 30 सितंबर से प्रतिमाओं का विसर्जन शुरू होगा जो 1 अक्टूबर तक चलेगा। बता दें कि 1 अक्टूबर को मुहर्रम है। गंगा जमुनी तहजीब के शहर में प्रतिमाओं का विसर्जन तथा मुहर्रम के जुलूसों को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन सतर्क व तैयार है।

– ताबिश अहमद के साथ शबाब ख़ान की रिपोर्ट