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बीएचयु फिर बना एक और छात्र की आत्महत्या का गवाह

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फ़रहान हैदर,

वाराणसी: बीएचयू के मूना देवी हॉस्टल में रहने वाले बीए तृतीय वर्ष के छात्र सरोज भारती (21) ने शुक्रवार की रात अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रावास में खबर फैलते ही कोहराम मच गया और अफवाहों का बाजार गर्म हो गया।

जितने मुँह उतनी बातें, कोई परिवार से छात्र के संबध ठीक न होने को आत्महत्या का कारण बता रहा था तो कोई पढ़ाई के बोझ को कारण मान रहा था। सरोज स्वभाव से काफी मिलनसार था और छात्रावास में लोकप्रिय भी था।

बता दें कि कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, लेकिन शुरुआती छानबीन के बाद पुलिस का कहना है कि कैंपस की ही एक छात्रा से उसका प्रेम प्रसंग था। किसी बात पर दोनों के बीच कुछ दिनों से अनबन थी, जिसका वजह से बीते दिनो छात्र अवसाद से ग्रसित था। साथ के छात्रों का कहना है कि वह दो दिनो से मेस में खाना खाने भी नही आ रहा था, सारा दिन अपने कमरे मे ही बंद रहता था। लेकिन किसी को अंदाजा नही था कि सरोज इस तरह का अतिवादी कदम उठा लेगा।

परिवारवालो पर तो जैसे गाज गिर गई। उसके भाई का कहना है कि सरोज से परिवार वालो को बड़ी आस थी कि वह पढ़ लिख कर आगे बढ़ेगा, लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था। सरोज के भाई की तहरीर पर छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

सरोज का मोबाइल कब्जे में लेकर पुलिस तफ्तीश में जुटी है। घटना से आहत कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शोक में डूबे परिवार के सदस्यों के मिले। इस बीच पोस्टमार्टम हाऊस से बाहर भारी संख्या में गमगीन छात्रों का हुजूम लगा नजर आया।

मिर्जापुर जिले के जमालपुर थानांतर्गत बहुअर गांव निवासी सेवानिवृत्त फायर ब्रिगेड कर्मी लल्लन राम के तीन बेटों और एक बेटी में सबसे छोटा सरोज बीएचयू के सामाजिक विज्ञान संकाय में बीए आनर्स (इतिहास) तृतीय वर्ष का छात्र था। सरोज मूना देवी हॉस्टल के कमरा नंबर 93 में अपने सहपाठी नरेश के साथ रहता था।

नरेश ने लंका पुलिस को बताया कि शुक्रवार की रात करीब 11 बजे सरोज ने उससे कहा कि उसे मोबाइल पर जरूरी वीडियो काल करनी है इसलिए वह बाहर चला जाए। नरेश करीब 45 मिनट बाद बाहर से आया तो कमरा अंदर से बंद था। काफी देर तक खटखटाने और आवाज देने पर जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उसने आसपास के छात्रों, वार्डन सीडी अधिकारी, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और पुलिस को सूचना दी। इस बीच, हॉस्टल के कुछ छात्रों ने ऊपर चढ़कर रोशनदान से अंदर देखा तो सरोज पंखे से बंधे गमछे के फंदे से लटका था।

रात में ही मौके पर पहुंची लंका पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साथ ही, सरोज का मोबाइल कब्जे में लेकर कमरे को सील कर दिया। तब तक बीएचयू में ही एमसीए की पढ़ाई करने वाले सरोज के बड़े भाई मनोज भी पहुंचे। सुबह सरोज के एक अन्य भाई सुनील और परिवार के लोग पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।

सुनील का कहना था कि कैंपस की ही स्नातक की एक छात्रा से सरोज की काफी नजदीकियां थीं। उसी की किसी बात से सरोज आहत था। सुनील की तहरीर पर लंका थाने में छात्रा के खिलाफ आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है।