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जनमंच असर: पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने आगे आया पत्रकार संघ

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जनपद अमेठी। विदित हो कि जनपद में एक महिला पत्रकार के साथ लगातार ससुराल पक्ष के लोग जहर खुरानी की घटना को दुकानदारों के जरिये गहरी साजिश के तहत अंजाम दे रहे हैं। यह मामला मीडिया कर्मियों द्वारा जोर शोर से उठाने के पश्चात ढुलमुल रवैया अख़्तियार किये पुलिस ने मुकदमा संगीन धाराओं में दर्ज किया। किन्तु उसके पश्चात भी आरोपियों के दबाव में पुलिस का ढुलमुल रवैया जारी है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि महिला पत्रकार के मामले में पुलिस लगातार गुमराह करने में व्यस्त है तो आम महिलाओं का क्या हश्र होता होगा। वहीं महिला पत्रकार को न्याय दिलाने के लिये पत्रकार संघ वन कॉल सोल्यूशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष अनिल उपाध्याय, उपाध्यक्ष विनोद झा व अशोक पांडेय जी के निर्देशन मे मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल द्विवेदी एक प्रतिनिधि मंडल व पीड़ित पत्रकार के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय, आई जी लखनऊ, डी आई जी फैजाबाद को मिलकर पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिये ज्ञापन दिया।

दरअसल पीड़ित पत्रकार के अनुसार उसकी नन्द उर्मिला शुक्ल के द्वारा प्रॉपर्टी के लालच में पीड़ित पत्रकार, उसके 10 वर्षीय पुत्र अक्षज मिश्रा को दुकानदारों के जिरए धीमा जहर देकर जान से मारने की लगातार कोशिश जारी है। वही पूरे मामले में पुलिस का रवैया बेहद लापरवाही भरा रहा है।

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विदित हो कि प्रार्थिनी को बीते 15 दिन पहले डीजीपी के आदेश पर प्रार्थिनी का ब्लड सैम्पल फोरेंसिक के लिये लिया गया। जिसमें पूर्णतः लापरवाही बरतते हुए 4 दिन बाद मिली जानकारी के अनुसार फॉरेंसिक के लिये भेजा गया। वही आरोपियों की गिरफ्तारी अब तक सुनिश्चित नही की गयी। जब कि प्रार्थिनी को लगातार जान से मारने की धमकियां आरोपियों द्वारा दी जा रही हैं।

साथ ही एस पी अमेठी ने प्रार्थिनी के घर पड़े संदिग्ध सामान की फोरेंसिक कराने से साफ़ इंकार कर दिया। व माननीय अदालत के बजाय स्वयं निर्णय देने लगे कि प्रार्थिनी अपने घर में पड़े सामानों में स्वयं जहर मिलाने की कोशिश कर सकती है। इतना गैर जिम्मेदाराना बयान एक पुलिस अधीक्षक के मुखारबिंद से कैसे शोभा दे सकता है। जबकि यह निर्णय माननीय अदालत का होना चाहिये कि पीड़ित स्वयं दोषी है या उसके साथ अपराध घटित हो रहा है।

वहीं इस गंभीर मामले पर वन काल सोल्युशन के मैनेजिंग डायरेक्टर राहुल द्विवेदी ने कहा है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित नही की जाती व फोरेंसिक जाँच कराकर पीड़ित पत्रकार को न्याय दिलाने के लिये देश ब्यापी आंदोलन किया जायेगा।