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Satish Mahana

कानपुर से ये हैं मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार

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Abhay Awasthi

अभय अवस्थी

कानपुर। बीजेपी में यूपी के नए मुख्यमंत्री के लिए चर्चा तो हो ही रही है जनता भी बड़ी बेसब्री से अपने नए मुख्यमंत्री का नाम जानना चाहती है। पार्टी हाईकमान ने भले ही 16 मार्च तक का समय दे दिया है, लेकिन जिन नामों पर पार्टी और पार्टी के बाहर चर्चा तेजी से हो रही है उनमें कानपुर का भी एक शख्श है।

जिसके नाम पर न केवल चर्चा हो रही है, बल्कि उस चर्चा की जायज वजह भी है।

आज हम आपको बताते है कि आखिर कौन है वो शख्श और क्या कारण है अचानक उसके चर्चा में आने की। सतीश महाना कानपुर के महाराजपुर विधानसभा सीट से लगातार 6 बार के विधायक रहे हैं। सतीश महाना बेहद सरल और जनता के बीच लोकप्रिय नेता हैं। उनके लगातार जीत की वजह भी यही है कि वो बेहद ईमानदारी से अपना काम करते हैं।

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अब बात आती है मोदी और महाना के बीच के रिश्तों की। ऐसे में यह जान लेना काफी होगा की महाना और मोदी पुराने दोस्त हैं। ये दोस्ती तब की है जब मोदी और महाना दोनों संघ में थे। इस बार विधानसभा चुनाव में महाना को रिकॉर्ड 56 प्रतिशत वोट मिले हैं यह लगातार उनकी छठीं जीत है।

उनका मुकाबला इस बार बहुजन समाजवादी पार्टी के मनोज शुक्ला और समाजवादी पार्टी के अरुणा तोमर से था। इसके बावजूद ऐसी जीत ने उनके नाम का डंका बजा दिया। पार्टी सूत्रों के मुताबकि महाना को जीत मिलते ही पार्टी हाईकमान ने उन्हें विशेष विमान से दिल्ली बुला लिया।
चर्चा यह भी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सतीश महाना की मुलाकात भी करवाई गई। दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई और मोदी ने पार्लियामेंट्री बोर्ड की बैठक में ईशारों इशारों में इस बात का जिक्र भी किया कि कुछ ऐसे भी लोग होते हैं जो लाइम लाइट में नहीं रहते, लेकिन काम अच्छा करते हैं। ऐसे नामों पर भी विचार किया जाना चाहिए।

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दरअसल पीएम मोदी के फैसले बेहद चौकाने वाले होते हैं फिर वो हरियाणा में नॉन जाट मुख्यमंत्री देना या फिर महाराष्ट्र में नॉन मराठी चेहरे को मुख्यमंत्री बनाना। ऐसे में यह भी माना जा रहा है कि यूपी में भी मोदी जाति समीकरण को किनारे करते हुए कोई चौकाने वाले फैसले कर सकते हैं।