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लो भर दी झोली हमने वोटों से…अब उम्मीद पर खरे उतर कर दिखाना

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Robbin Kapoor

रॉबिन कपूर

फर्रुखाबाद: 2017 के विधानसभा चुनाव में वोटरों ने भाजपा की झोली उम्मीद से ज्यादा ही भर दी है इस उम्मीद के साथ कि जो कहा है कर के दिखाओ। न भ्रष्टाचार न गुंडाराज के होल्डिंग से शुरू हुआ चुनाव जैसे जैसे परवान चढ़ा नरेंद्र मोदी ने वोटरों की उम्मीदे जगा दी।

जनता ने ख्वाव देखा कि भाजपा सरकार आते ही रिश्वतखोरी बंद हो जाएगी।

अवैध जमीन कब्जे बन्द हो जायेंगे। गरीब को भी इन्साफ मिल जायेगा। आधी रात को भी माँ बहनो के लिए सड़क पर बेखौफ होकर निकलना अब सम्भव हो जायेगा। कोई सरकारी कर्मचारी और अफसर अब रिश्वत के बिना काम करेगा। सपने तो बहुत से मोदी ने पाल दिए है उन्हें पूरा करने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा अब सवाल खड़ा होगा।

अगर खरे न उतरे तो फिर वही होगा जो पिछले 14 सालो में हुआ है। फर्रुखाबाद की जनता ने विजय सिंह, नरेंद्र सिंह यादव, जमालुदीन सिद्दीकी के पुत्र अरशद जमाल, मनोज अग्रवाल, उमर खान, सुरभि गंगवार को नकार मेजर सुनील, सुशील शाक्य, नागेन्द्र सिंह और अमर सिंह को सर पर बैठाया है।  मगर जिन्हें जिताया है उनके भी रिकॉर्ड में कोई उपलब्धि नहीं है केवल मोदी के कहने पर जिताया है।

ये मोदी की लहर का चुनाव था, भ्रष्टाचार और गुंडाराज के खिलाफ चुनाव था। इसमें कोई शक नहीं है की उपलब्धि अब इन जीते हुए प्रत्याशियो को बनानी है अपने राजनैतिक भविष्य के लिए वार्ना कितने ही विधायक एक बार चुनाव जीत हाशिये पर जा चुके है। अगर मोदी ने कहा है कि न खाऊंगा और न खाने दूंगा तो जनता ने उन्हें पसंद कर लिए और भरोसा भी कर लिया। क्या यही भरोसा फर्रुखाबाद के चारो जीते हुए भाजपा प्रत्याशी जनता को दिल पायेंगे? ये वो सवाल है जिस पर विपक्ष की नजर 5 साल रहेगी।

इसमें कोई दो राय नहीं कि यूपी की जनता परिवर्तन चाहती थी। जमीनी हकीकत कुछ और थी और मुख्यमंत्री अखिलेश तक पहुची रिपोर्ट कुछ और मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचाने वाले उन्ही फोटो की दम पर पुलिस और प्रशासन पर हनक बनाते और अवैध कब्जे और अवैध खनन में लगे थे। उसी हनक पर विरोधियो पर सरकारी तरीको से अत्याचार कराते रहे। जनता वास्तव में भ्रष्टाचार और गुंडाराज से त्रस्त थी और मोदी ने इसे कैश कर लिया।

ये राजनीती है, दाव चलने और बिसात बिछाने में माहिर खिलाड़ी ही इसके विजेता बनते है। जनता तो बस उम्मीद में जीती है। साल दर साल उम्मीद में काटती जाती है। तो उम्मीद कितनी पूरी होती है इसकी मिशाल भी कुछ दिनों में दिखने लगेगी। सवाल फिर से खड़े होंगे कि भाजपा की झोली तो भर दी है अब बारी गरीब और मजबूर जनता की भी है कि क्या मिलेगा वास्तव में जनता को आश्वासन या राशन……

Robin@janmanchnews.com