Saharnpur riot

सहारनपुर हिंसा: जातीय संघर्ष के बाद बढ़ा तनाव तो योगी सरकार ने हटाए एसएसपी-डीएम

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Shabab Khan

शबाब ख़ान

सहारनपुर: जिले में भड़की जातीय हिंसा की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। सूत्रों के अनुसार बुधवार (24 मई) को इस मामले में योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने कार्रवाई करते हुए एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे का ट्रांसफर कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, डीएम एनपी सिंह को भी हटा दिया गया है। सहारनपुर में मंगलवार को बसपा सुप्रीमो मायावती की सभा थी।

इसमें शामिल होकर लौट रहे लोगों का आरोप था कि उन पर ठाकुरों ने रॉड, लाठियों और चाकुओं से हमला किया। एसपी प्रबल प्रताप सिंह ने बताया था कि घटना में एक ही मौत हो गई, जबकि 13 लोग घायल थे।

पिछले एक हफ्ते से जिले के विभिन्न गांवों और कस्बों में राजपूत और दलित समुदाय खुलेआम और चोरी-छुपे एक-दूसरे के खिलाफ जहर उगल रहे हैं। दोनों समुदाय लामबंद हैं और मानमानी पर उतारू हैं। डीआइजी जितेंद्र कुमार शाही का तबादला किए जाने के बावजूद उन्हें फिर से यहीं पर रोक दिया गया। पिछली सरकार में तैनात कमिश्नर एमपी अग्रवाल भी अभी तक यहीं बने हुए हैं। कमिश्नर और डीआइजी दोनों मुख्यमंत्री के जनपद गोरखपुर के निवासी हैं।

करीब 600 दलितों और 900 ठाकुरों की आबादी वाले गांव शब्बीरपुर से हिंसक चक्र की शुरुआत हुई थी। इन संघर्षों के दलित पीड़ितों का कहना है कि ऊंची जाति के ठाकुरों ने उन्हें गांव के रविदास मंदिर परिसर में बाबा साहिब अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित नहीं करने दी थी। बाद में पांच मई को राजपूत राजा महाराणा प्रताप की जयंती के उपलक्ष्य में ठाकुरों के एक जुलूस पर एक दलित समूह ने आपत्ति जतायी तो इससे हिंसा फूट पड़ी। इसमें एक व्यक्ति को अपनी जान गंवानी पड़ी और 15 लोग घायल हो गये।

Shabab@janmanchnews.com