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बिल संशोधन के नाम पर जेई भर रहें हैं अपनी जेबें, दर-दर भटक रहें हैं उपभोक्ता

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Shabab Khan

शबाब ख़ान

वाराणसी: पॉवर कारपोरेशन के लगभग 5 लाख उपभोक्ता बिलिंग व्यवस्था से हलकान हैं। पिछले माह का त्रुटिपूर्ण बिल जारी किया गया है, जिसके संशोधन के लिए उपभोक्ता दर दर भटक रहा है।

अधिशासी अभियंता, एसडीओ, अवर अभियंता व वितरण कार्यालयों के कर्मचारी बिलों को ठीक करनें में जुटे है। बावजूद इसके समस्या जस का तस बनीं है।

जब हमने बिजली विभाग की तह तक जाकर पड़तात की तो यह देखकर दंग रह गये कि त्रुटिपूर्ण बिल की यह समस्या कुछ जेई और उनके द्वारा काम पर लगाये गए दलालों के लिए कमाई का नायाब साधन बन गई है। तीन महीनें का बिल 40,000 देखकर परेशान उपभोक्ता जब विभाग से संपर्क करता है तो उसको बिल में ऐसी तकनीकी भाषा में समस्या बताई जाती है कि उपभोक्ता को जेई द्वारा तैनात दलालों के माध्यम से काम कराना ज्यादा सुविधाजनक नजर आता है।

उपभोक्ता से बिना रसीद दिए मनमर्जी वसूली कर ली जाती है, लेकिन अगला बिल आने पर उपभोक्ता यह देखकर हैरान हो जाता है कि उसके तीन महीनें का 40,000 का बिल चौथे महीनें 55,000 का हो चुका है। रसीद पास न होने की स्थिति में परेशान उपभोक्ता यहॉ-वहॉ चक्कर काटता है लेकिन सुनवाई नही होती।

आला अधिकारी कहते हैं कि पिछले महीने पॉवर कारपोरेशन नें बिलिंग से संम्बधित सॉफ्टवेयर बदला है, जिससे कारण शुरू का डाटा इधर से उधर हो गया है, यही वजह है कि बिल में गड़बड़ी हो रही है। यह पूछने पर कि दलाल उपभोक्ताओं का बिल ठीक कराने के नाम पर धन की उगाही जेई के नाम से कैसे कर रहे है तो अधिकारीगण चुप्पी साध लेते है जिससे पता चलता है कि उपभोक्ता का शोषण मिल बांटकर हो रहा है।

दिवानगंज क्षेत्र के एक शिक्षक का दो महीने का बिल जब 23,000 आया तो उसने ईलाके के जेई से संपर्क किया, जेई नें शिक्षक से बिल व मीटर कनेक्शन का पेपर ले लिया और काम करवाने के नाम पर हजार रूपये ले लिए, बावजूद इसके कोई काम नही हुआ। हैरत तब हुई जब वही जेई पूरी टीम के साथ शिक्षक के घर बकाया होने पर बिजली काटने पहुँच गया।

इज्जत बचाने के लिए शिक्षक ने जेई को फिर से पॉच हजार रूपये दे दिये, जिसकी रसीद नही मिली। इस घटना के बाद शिक्षक ने विभाग से संपर्क किया तो बताया गया कि उसके बिल मे दर्शीयी गई राशि ठीक है। मतलब उसे पूरा 23,000 रूपये जमा करना होगें।

जब शिक्षक बिल जमा नही कर सका तो जेई साहब फिर से दलबल के साथ उसके घर गए और अतत: बिजली काट दी। जिसके बाद शिक्षक नें हमे अपनी आपबीती सुनाई। हमारे अधिकारियों से बात करनें पर आश्वासन मिला कि हफ्ते भर मे बिल ठीक कर दिया जाएगा, संशोधित राशि जमा करानी होगी। जेई द्वारा हजम पैसों से संम्बधित कोई सीधा जवाब नही मिला।

बताते चलें कि शनिवार से पॉवर कारपोरेशन नें फिर से अभियान छेड़ दिया है, इसके तहत बकायेदार, बिजली चोरी, अधिभार निशानें पर हैं। इसके लिए शहरी क्षेत्रों के लिए टीमें गठित की गई हैं। इंजीनियरों का कहना है कि बिजली चोरी के मामले में समनशुल्क नही देने पर सीधे एफआईआर दर्ज कराया जाएगा।

नगरीय विद्युत वितरण मंडल प्रथम व द्वितयी के अधिक्षण अभियंता अनिल वर्मा व आशीष अस्थाना नें बताया कि इस चरण में दस हजार से ऊपर के बकायेदारों के कनेक्शन काटे जाएगें। उपभोक्ता घरों से बाहर जाते समय बिल भुगतान की रसीद परिजनों को देकर जाए अन्यथा जॉच के दौरान जरूरी कागजात नही दिखाये गए तो कनेक्शन काट दिए जाएगें।

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