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भ्रष्टाचार के आरोपी आरएस यादव की बढ़ी मुश्किलें, ईडी नें यादव के सीए को घेरा

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Shabab Khan

शबाब ख़ान

वाराणसी: आय से अधिक संपत्ति और भ्रष्टाचार के आरोपी चंदौली के पूर्व एआरटीओ आरएस यादव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।

शासन यादव के खिलाफ आरोपों की जांच में किसी भी प्रकार की ढ़ील देने के मूड में नही है। यादव के एआरटीओ पद पर रहते हुये बनाई गई अकूत संपत्ति की जांच विजिलेंस द्वारा हाल में की गयी है।

विजिलेंस जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) नें इस मामले में बुधबार को बड़ी कार्यवाई करते हुए यादव के बनारस स्थित ठिकाने के अलावा उसके चार सहयोगियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की, जिससे आरएस यादव के करीबियों में अफरतफरी मच गई।

संयुक्त निदेशक राजेश्वर सिंह के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई के दौरान ईडी ने 23 लाख नगद एवं करोड़ों की संपत्ति से जुड़े कागजात कब्जे में लिए हैं।

भ्रष्टाचार के आरोप में जेल में बंद आरएस के सीए एसके द्विवेदी के दफ्तर पर आठ घंटे से अधिक चली छानबीन में करोड़ों की बेनामी संपत्ति और बोगस कंपनियों की जानकारी ईडी के हाथ लगी है। सूत्रों के अनुसार गोरखपुर और कोलकाता स्थित ठिकानों पर भी ईडी ने छापेमारी की है। डीआईजी कॉलोनी में रहने वाले एसके द्विवेदी आरएस यादव के चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। मकबूल आलम रोड पर भाजपा के पूर्व एमएलसी शिवनाथ यादव के मकान में उनका कार्यालय है। बुधवार को दिन में करीब 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय लखनऊ की टीम पुलिस बल के साथ उनके कार्यालय पहुंची।

दफ्तर के दोनों दरवाजे लॉक कर दिए। दो बार में ईडी की टीम के 12 सदस्य अंदर दाखिल हुए। यहां सीए एसके द्विवेदी और उनके स्टाफ से लंबी पूछताछ के बाद यादव से जुड़े कागजात खंगाले गए। इसी दौरान अन्य चार टीमों ने आरएस यादव के मकबूल आल रोड स्थित मकान, छावनी स्थित होटल वेस्ट इन और शहर में यादव के पार्टनर एक शराब कारोबारी के यहां भी छापेमारी की।

हालांकि टीम का फोकस यादव के सीए एसके द्विवेदी के कार्यालय पर था। यहां आठ घंटे से अधिक चली छानबीन का ब्यौरा ईडी ने सार्वजनिक नहीं किया। एक अन्य सीए से भी पूछताछ की। बताया जाता है कि सीए ने यादव की संपत्ति से जुड़े कागजात कई जगहों पर रखे थे, जिसे इकट्ठा किया जा रहा था। शाम करीब पांच बजे दो गाड़ियों में सवार होकर प्रवर्तन निदेशालय के अधिकतर सदस्य चले गए।

इसमें एक अफसर ने बताया कि शहर में आरएस यादव के चार ठिकानों पर छापेमारी हुई है। अभी जांच जारी रहेगी। कुछ सदस्य रात करीब आठ बजे एसके द्विवेदी के कार्यालय से निकले। एसके द्विवेदी आरएस यादव की कई कंपनियों में शेयर होल्डर भी हैं।

उल्लेखनीय है कि योगी सरकार के यूपी में आते ही सपा के खासम खास आरएस यादव की मुसिबते शुरू हो गई। अपने पद और पहुँच का बाखूबी इस्तमाल करते हुए यादव नें अरबों की चल अचल संपत्ति अर्जित की थी। लेकिन सरकार बदलते ही काली कमाई के धन कुबेर सलाखों के पीछे पहुँच गयें, और उसके कारनामों की जॉच शासन के आदेश पर हर संबंधित एजेंसी कर रही है।

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