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CBI Investigation

IAS अनुराग की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए CBI लखनऊ से बहराइच तक जुटा रही साक्ष्य

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पत्रकार संजय मिश्रा की रिपोर्ट,

बहराइच। आइएएस अनुराग की मौत के मामले में सोमवार को सीबीआइ टीम बहराइच पहुंची। जहां अनुराग के दो दोस्तों से करीब साढ़े तीन घंटे तक पूछताछ की। हालांकि इस दौरान अनुराग के परिवारीजन घर पर मौजूद नहीं थे। सीबीआइ टीम सोमवार बहराइच के नगर कोतवाली स्थित कानूनगोपुरवा पहुंची।

तब घर पर परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था और मकान में ताला बंद था। सीबीआइ के अधिकारियों ने फोन पर अनुराग के भाई मयंक से बात की। मयंक के कहने पर घर की देखरेख करने वाले बल्ले कश्यप मकान की चाभी लेकर पहुंचे और टीम को भीतर ले गए। सीबीआइ की चार सदस्यीय टीम ने अनुराग के दोस्त आशीष जायसवाल और एनके शुक्ला से खासकर अनुराग के व्यवहार के बारे में पूछा।

सीबीआइ ने यह भी जानने का प्रयास किया कि अनुराग सिगरेट के अलावा अन्य कोई नशा तो नहीं करते थें। दोनों दोस्तों ने सीबीआइ को बताया कि अनुराग बहुत सीधे और सरल स्वभाव के थे। दोस्तों ने बताया कि अनुराग सिगरेट पीने के आदी थे। घर में जाँच के दौरान टीम ने अनुराग का जब्त किया रुमाल और बिल। इस दौरान उन्होंने अनुराग के कुछ कागजात को भी अपने कब्जे में लिए।

बताया गया कि अनुराग की मौत के बाद मीराबाई मार्ग स्थित राज्य अतिथि गृह से पुलिस ने कुछ कागजात बरामद किए थे, जिसे परिवारीजनों को सौंप दिया गया था। सीबीआइ ने उन कागजातों की भी पड़ताल की।

एसआईटी के बाद सीबीआई को मिली जाँच के बाद जाँच में तेजी आई है जिससे अनुराग के परिजनों को जल्द इन्साफ मिलने की उम्मीद जग गयी है।

आईएएस अनुराग के बहराइच स्थित घर आने से पूर्व सीबीआई टीम ने सीबीआइ ने रविवार को महानगर स्थित फोरेंसिक साइंस लैब के डिप्टी डायरेक्टर डॉ.जी.खान से लंबी पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने में लापरवाही के मुद्दे को लेकर नाराजगी भी जाहिर की। डॉ.खान से अनुराग के शव के पोस्टमार्टम किए जाने के दौरान वहां जाने की वजह भी पूछी गई।

सीबीआइ ने यह भी पूछा कि वह किसके निर्देश पर पोस्टमार्टम हाउस गए थे और वहां डॉक्टरों से उनका किन बातों को लेकर मतभेद हुआ था। सीबीआइ टीम ने डॉ.खान से लंबी पूछताछ के दौरान राज्य अतिथि गृह के कमरा नंबर 19 से सिगरेट के अवशेष कब्जे में न लिए जाने व अनुराग के कपड़े चेक न किए जाने से लेकर कई अन्य बिंदुओं पर ऐतराज जताया गया।

सीबीआइ अधिकारियों का कहना था कि मौके पर फोरेंसिक साइंस लैब के डायरेक्टर व डिप्टी डायरेक्टर से लेकर अन्य विशेषज्ञों के मौजूद होने के बावजूद साक्ष्य जुटाने में लापरवाही बड़ी चूक है। जो जांच को प्रभावित करने वाला है।

लखनऊ में अपनी छान बीन के बाद सीबीआई ने अनुराग के बहराइच स्थित आवास का रुख करते हुवे जांच के पायदान को एक कदम और आगे बढ़ाया।