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सरकार ने शुरू की गो-लाइव व्यवस्था, अब यूरिया खाद के लिए देना होगा आधार

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Priyesh Shukla

प्रियेश शुक्ला

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उर्वरक सब्सिडी डीबीटी योजना के तहत पीओएस मशीन से खाद वितरण की योजना लागू कर दी है।

पहले चरण में देह के तीन जिलों को लिया गया है। इसमें बिहार प्रान्त के दो और यूपी का गोरखपुर शामिल है। डीएम ने बांसगांव परिसर में पीओएस प्रणाली के तहत गो-लाईव का उद्घाटन किया।

बात दें इस प्रणाली में लागू होने से अब यूपी के गोरखपुर और बिहार प्रान्त के बेगूसराय व धनबाद के किसानों को खाद लेने को आधार कार्ड लेकर जाना होगा। इस प्रणाली के तहत गो-लाईव व्यवस्था सुचारू होने के बाद खाद खरीदने के लिए किसानों को अपना आधार कार्ड लेकर दुकान पर जाना होगा। बिना आधार कार्ड के उर्वरक नही मिलेगा। इस व्यवस्था की शुरूआत मंगलवार को गोरखपुर के बांसगांव तहसील में कई गयी।

1034 डीलर्स को मिली है पीओएस मशीन

जनपद के 1034 डीलर्स को पीओएस मशीन उपलब्ध करवा दी गयी है। अब ये इस मशीन का उपयोग करेंगे और आने वाले किसानों को आधारकार्ड नंबर के आधार ओर खाद उपलब्ध कराएंगे।

200 डीलर्स ने अभी तक नहीं ली है मशीन

तकरीबन 200 डीलरों ने अब तक मशीन नही ली है। जिन डीलरों ने अभी तक मशीन नही ली है, उन्हें अनुदानित उर्वरक की बिक्री की अनुमति नही है।

कालाबाजारी रोकने को किया गया लागू

खाद की कालाबाजारी पर अंकुश लगाने को सरकार ने खाद वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। इससे वास्तविक किसान तक खाद की पहुंच होगी और उन्हें इधर-उधर भागने से निजात मिलेगी।

इस संबंध में डीएम राजीव रौतेला का कहना है कि योजना देह के तीन जिलों में लागू किया गया है। इनमे यूपी से गोरखपुर और बिहार से बेगूसराय और धनबाद शामिल हैं। योजना के उद्देश्य को सौ प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

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