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धर्मपाल ने निभाया मानवता का धर्म, बाढ़ पीड़ितों के लिए बना दिया रास्ता

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“बाढ़ पीड़ितों की समस्या इन्हें नही दिख रही है। पूरा प्रशासन मंत्री और अधिकारियों के आव-भगत में लगा है, कोई जिम्मेदारी ही नहीं रह गयी है”…

Priyesh Shukla

प्रियेश शुक्ला

गोरखपुर/रुद्रपुर। दोआबा में बाढ़ के पानी का स्तर जैसे जैसे कम हो रहा है। वैसे-वैसे दुश्वारियां सामने आ रही है। बाढ़ पीड़ित गावों की सबसे बड़ी समस्या बाढ़ के कारण टूटी हुई सड़के बन गयी है। जिस कारण लोगो का कही आना-जाना दूभर हो गया है।

जहां सरकार और प्रशासन अभी सड़कों और पुलों को लेकर मसौदा बना रही है।और तारीखों की फेहरिश्त गिना रहे है कि अभी सड़कों और पुलों को बनाने में कई महीने लग जाएंगे। ऐसे में प्रशासन के इस कार्यप्रणाली और व्यवस्था को मुंह-तोड़ जबाब दिया है। धर्मपाल सिंह उर्फ सोनू ने। दोआबा के ही गांव बनियापार निवासी धर्मपाल पूर्व प्रमुख सुरेंद्र प्रताप सिंह के लड़के हैं।

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धर्मपाल ने प्रशासनिक लापरवाही को देखते हुए खुद ही बाढ़ के कारण टूटे हुए पचलडी बेलवा रोड को गांव वालों के सहयोग से निर्माण कर आवागमन के लायक बना दिया। जबकि सरकार और प्रशासन इसके निर्माण के लिए बजट और तारीखों का रोना रो रहा था। लेकिन धर्मपाल की इच्छा शक्ति ने जो समाज के निर्माण में अपना योगदान देकर जिस मानवता के धर्म को निभाया है वह काबिले तारीफ है।

धर्मपाल ने बेलवा पचलडी मार्ग जो दो जगहों पर टूट चुका था, को अपने निजी और ग्रामीणों के सहयोग से 12 से 14 मीटर के कटान को बोरी की मिट्टी व ईटो के द्वारा भर कर दोआबा के लोगो के लिए सुगम बना दिया है। इस कार्य के लिए धर्मपाल और ग्रामीणों ने उपजिलाधिकारी, पी डब्लू डी और सिंचाई विभाग से भी सहयोग की सिफारिश की थी।

लेकिन सहयोग में मिट्टी, बोरी व ईट देना तो दूर की बात है प्रशासन ने धन्यवाद भी देना मुनासिब नहीं समझा। वहीं धर्मपाल के इस काम से दोआबा के पीड़ित ग्रामीणों में खुशी है। इतना ही नही पूरे बाढ़ के इस विपदा में धर्मपाल ने अपने निजी खर्च पर लोगों को जेनरेटर की बिजली उपलब्ध कराई और खुद के पैसे से फागिंग मशीन मंगाकर बाढ़ पीड़ित गावों में छिड़काव करा कर मच्छरों से बचाव भी कर रहे हैं।

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धर्मपाल प्रशासनिक लापरवाहियों के चलते बहुत ही दुखी है। इनका कहना है कि प्रशासन केवल हाथी दांत बन कर रह गया है। बाढ़ पीड़ितों की समस्या इन्हें नही दिख रही है। पूरा प्रशासन मंत्री और अधिकारियों के आव-भगत में लगा है, कोई जिम्मेदारी ही नहीं रह गयी है। बाढ़ क्षेत्रों में टूटी सड़कों के चलते आये दी दुर्घटना हों रहा है, लोग गंभीर रूप से घायल हो रहे हैं। फिर भी प्रशासन मौन है।

धर्मपाल ने जनहित के लिए किए गए काम और सहयोग के लिए नर्मदा निषाद, ओमप्रकाश निषाद, मनोज निषाद, राहुल यादव, सूरज यादव, हरिजन, नरभु, जय सिंह निषाद, भोला, कुलदीप, पन्नेलाल यादव, असिन के साथ-साथ सभी ग्रामीणों को धन्यवाद दिया।