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बिना किसी भेदभाव लोक कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही सरकार: सूर्य प्रताप शाही

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पत्रकार प्रियेश शुक्ला की रिपोर्ट,

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के कृषि शिक्षा, कृषि अनुसंधान विभाग मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि राज्य सरकार बिना किसी भेदभाव लोक कल्याण के प्रति समर्पित होकर समाज के सभी वर्गों के लिए काम कर रही है। इसके लिए शासन-प्रशासन को संवेदनशील और जवाबदेह बनाया गया है। वर्तमान सरकार प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध बनाने के लिए विकास योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कृतसंकल्पित है।

श्री शाही प्रदेश सरकार के 100 दिन पूरे होने पर आज यहां विकास भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित कर रहे थें। उन्होंने राज्य सरकार की 100 दिनों की उपलब्धियों पर संतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य में परिवर्तन, विकास और प्रगति के लिए 100 दिन की अवधि एक छोटा कार्यकाल है। सीमित संसाधनों के बीच उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य के लिए यह एक चुनौती भी है। जिसे सरकार ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश को एकात्म मानववाद के प्रणेता पं0 दीन दयाल उपाध्याय जी की जन्मभूमि के साथ-साथ कर्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है।

उन्होंने पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के अन्त्योदय के स्वप्न को साकार करने की दिशा में 100 दिनों का कार्यकाल एक प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ‘अन्त्योदय’ के स्वप्न को साकार करना हमारा लक्ष्य भी है और सरकार की प्राथमिकता भी।

कृषि मंत्री ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व में केन्द्र सरकार ने सुशासन के माध्यम से ‘सबका साथ, सबका विकास’ करने का जो संकल्प लिया है, उसका पूरी तरह अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार भी राज्य की जनता की सेवा कर रही है। उन्होंने कहा कि गत कई वर्षों में प्रदेश प्रगति के पथ पर काफी पिछड़ गया था।

इस अवधि में यहां सत्ता पर काबिज रही अन्य दलों की सरकारों के कार्यकाल में भ्रष्टाचार और परिवारवाद के साथ-साथ बदहाल कानून-व्यवस्था ने राज्य तथा यहां की जनता को भारी नुकसान पहुंचाया है। प्रदेश सरकार ने जनता के कल्याण और उत्थान के लिए अविलम्ब प्रभावी कार्यवाही शुरू की।

श्री शाही ने कहा कि प्रदेश में योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व वाली सरकार लोगों की भोजन, आवास, सड़क, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ-साथ कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरन्तर काम कर रही है। शिक्षा का उन्नयन हो, युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में वृद्धि हो, आम जनता को स्वास्थ्य और परिवहन की अच्छी सुविधा मिले, राज्य सरकार का यही प्रयास है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा वर्ष 2017 को ‘गरीब कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, हर साल 24 जनवरी को अब ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के रूप में मनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी केन्द्र सरकार की भांति, ‘सबका साथ-सबका विकास’ की अवधारणा के अनुरूप जनता की सेवा करने के लिए कटिबद्ध है।

कृषि मंत्री ने कहा कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था पूरी तरह कृषि पर आधारित है। इसलिए जब तक गांव एवं किसान की वर्तमान स्थिति में सुधार नहीं होगा, तब-तक प्रदेश विकास की दौड़ में आगे नहीं बढ़ेगा। राज्य सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही है। किसानों को खाद, बीज के साथ-साथ अन्य कृषि निवेशों की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जा रही है।

किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए 05 हजार से अधिक गेहूं क्रय केन्द्रों की स्थापना करते हुए, गत वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष साढ़े चार गुना अधिक गेहूं की खरीद हुई। गन्ना पेराई सत्रों का लम्बित भुगतान गन्ना किसानों को कराया गया है। अब तक गन्ना किसानों को 22 हजार 517 करोड़ रुपए से अधिक के बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो चुका है।

प्रदेश में पहली बार आलू उत्पादक किसानों के आलू को खरीदकर उन्हें राहत पहुंचाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत इस वर्ष 9 लाख 70 हजार से अधिक आवासहीन परिवारों को ग्रामीण क्षेत्र में लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने 31 मार्च, 2016 तक के, लघु एवं सीमांत किसानों के 01 लाख रुपए सीमा तक के फसली ऋण को माफ कर दिया है। सरकार के इस कदम से प्रदेश के 86 लाख किसान लाभान्वित हुए हैं।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस फैसले का प्रभाव आम जनता एवं विकास कार्यों पर कतई पड़ने नहीं दिया जाएगा। प्रदेश सरकार 36 हजार करोड़ रुपए के अतिरिक्त बोझ को अनावश्यक खर्चों को कम करके पूरा करेगी।  

श्री शाही ने कहा कि विगत कई वर्षों से राज्य की खनन प्रक्रिया काफी विवादास्पद एवं पक्षपात पूर्ण रही है। राज्य सरकार द्वारा तकनीक आधारित एवं पूरी तरह से पारदर्शी नयी खनन नीति लागू की गई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग का ई-वेब पोर्टल लाँच किया गया है, जिससे अब खनिजों के परिवहन के लिए ई-ट्रांजिट पास की व्यवस्था उपलब्ध हो गई है। सरकारी ठेकों में भ्रष्टाचार समाप्त करने और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से ई-टेण्डरिंग व्यवस्था को सभी विभागों में लागू कर दिया गया है।

उन्होंने कहा प्रदेश के सभी जनपदों को समान रूप से जिला मुख्यालय पर 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 20 घण्टे और ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घण्टे बिजली दी जा रही है। इसके अलावा, 24 घण्टे बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार से 24×7 ‘पावर फाॅर आॅल’ के लिए अनुबन्ध किया गया है। बी0पी0एल0 परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। शहरी क्षेत्रों में खराब ट्रांसफार्मर को 24 घण्टे व ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घण्टे में बदलने की व्यवस्था लागू है।

कृषि मंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रियों की अनुदान राशि को 50 हजार रुपए से बढ़ाकर एक लाख रुपए प्रति यात्री कर दिया गया है।  राज्य सरकार ने गाजियाबाद में कैलाश मानसरोवर भवन के निर्माण का फैसला लिया है। प्रयाग अर्द्धकुम्भ, 2019 के आयोजन से पूर्व गंगा जी को स्वच्छ बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

प्रदेश को माफियामुक्त, गुण्डामुक्त तथा भ्रष्टाचारमुक्त कराने के लिए पूरी तरह सजग व कृतसंकल्प है। इसके तहत भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई के लिए एण्टी भू-माफिया टास्क फोर्स का गठन किया गया है। एण्टी भू-माफिया पोर्टल को लाँच किया गया है। भू-माफियाओं से अब तक करीब 5,895 हेक्टेयर अतिक्रमित भूमि अवमुक्त कराई गई है। प्रदेश में वी0आई0पी0 कल्चर को पूरी तरह समाप्त करने का बड़ा निर्णय सरकार ने लिया है।

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं एवं बालिकाओं को पूरी सुरक्षा देने के साथ-साथ उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध है। प्रदेश सरकार द्वारा ‘एण्टी रोमियो स्क्वाॅयड’ के गठन जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिनका असर आज पूरे प्रदेश में दिख रहा है। सरकार महिला हेल्पलाइन ‘181’ का संचालन कर रही है। ‘181’ एक टोल-फ्री नम्बर है, जिस पर 24 घण्टे में किसी भी समय काॅल करके,कोई भी पीड़ित महिला अथवा बालिका सहायता प्राप्त कर सकती है।

उन्होंने कहा कि दिसम्बर, 2017 तक प्रदेश के 30 जिलों को ओ0डी0एफ0 अर्थात् खुले में शौच मुक्त घोषित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार पूरे प्रदेश को अक्टूबर, 2018 तक ओ0डी0एफ0 घोषित करने का लक्ष्य है। 

श्री शाही नेकहा कि प्रदेश में 166 पं० दीन दयाल उपाध्याय माॅडर्न स्कूल खोले जाएंगे। राज्य सरकार गुणवत्तापरक शिक्षा सुलभ कराने तथा कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार के सुगम अवसर उपलब्ध कराने का भी कार्य करेगी। उन्होंने कहा कि श्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि  वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए जनपद की 349 करोड़ 35 लाख रूपये की जिला योजना को भी मंजूरी प्रदान दी गई हैं।

उन्होंने कहा कि जनपद के सभी क्षेत्रों का समग्र विकास करने के लिए सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि जिला योजना में वित्तीय वर्ष 2017-18 की अनुमोदित जिला योजना में गन्ना विकास के परिव्यय के लिए 709.25 लाख रूपये, पशुपालन विभाग के लिए एक करोड़ रूपये, दुग्ध विकास के लिए 207.18 लाख रूपये, वन विभाग के लिए 153.60 लाख रूपये, ग्राम्य विकास के विशेष कार्यक्रमों के लिए 302.42 लाख रूपये, रोजगार कार्यक्रम के लिए 2163.97 लाख रूपये, पंचायतीराज विभाग के लिए 1720.30 लाख रूपये, सामुदायिक विकास के लिए 52 लाख रूपये, निजी लघु सिंचाई के लिए 90 लाख रूपये, सड़क एवं पुलों के लिए 2400 लाख रूपये, माध्यमिक शिक्षा के लिए 977.70 लाख रूपये, एलोपैथिक चिकित्सा के लिए 1725 लाख रूपये, आर्युवैदिक चिकित्सा में 62 लाख रूपये, पेयजल ग्रामीण में 7371.94 लाख रूपये,शहरी पेयजल के लिए 264.55 लाख रूपये, ग्रामीण स्वच्छता के लिए 660 लाख रूपये, आवास के लिए 3754.30 लाख रूपये, अनुसूचित जाति कल्याण के लिए 943 लाख रूपये,सामान्य जाति छात्रवृत्ति 825.44 लाख रूपये, पिछड़ी जाति कल्याण 392.50 लाख रूपये, अल्पसंख्यक कल्याण के लिए 134.38 लाख रूपये, शिल्पकार प्रशिक्षण 140 लाख रूपये, समाज कल्याण के लिए 8994.93 लाख रूपये, महिला कल्याण के लिए 469.04 लाख रूपये तथा पुष्टाहार कार्यक्रम के लिए 109.82 लाख रूपये के परिव्यय को अनुमोदित किया।

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