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Child Labour

क्या रुकेगा बाल श्रम!

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Meenakshi Mishra

मीनाक्षी मिश्रा

जनपद अमेठी। बाल मजदूरी हमारे जनपद ही नही वरन पूरे प्रदेश की गंभीर समस्या है। जिसके अंतर्गत 18 वर्ष से कम उम्र के बालक, बालिका जीविकोपार्जन के लिये बाल मजदूरी के लिये बाध्य होते हैं।

वैसे तो हमारे देश में बाल मजदूरी के लिये सशक्त कानून बना हुआ है, किन्तु उसका कृयान्वयन ठीक ढंग से न होना व बाल मजदूरी रोकने के उनके जीविकोपार्जन को सुनिश्चित बनाना एक बड़ी विडंबना है।

इसी क्रम में जनपद अमेठी में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला बाल संरक्षण समिति की बैठक सम्पन्न हुई। उक्त दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि समेकित बाल संरक्षण योजना के द्वारा बालक बालिकाओं को निराश्रित होने से रोकने के लिये कार्यक्रम चलाने पर बल दिया।

वहीं जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान संबंधित अधिकारियों को निर्देषित करते हुए कहा कि वे जनपद में होटलों, ईंट भठ्ठों, कारखानों आदि में 18 वर्ष से कम उम्र के काम कर रहे  किशोर, किशोरियों को टास्क फोर्स के माध्यम से एक अभियान चलाकर उन पर कार्यवाही करे।

उनके निर्देषानुसार विकास खण्ड एवं ग्रामसभा स्तर पर बाल संरक्षण समिति का गठन किया जाए एवं प्रत्येक 3 माह पर समितियों की बैठक अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए।


उन्होंने कहा कि समिति के द्वारा बैठक के दौरान बाल श्रम एवं ट्रैफिकिंग से संबंधित बिन्दुओं पर चर्चा कर आवश्यक कार्यवाही की जाए।

साथ ही उन्होंने जनपद में बाल श्रम रोकने के लिए बाल हित में सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के संबंध में तहसील, ब्लाक एवं ग्राम स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा। जिलाधिकारी ने कहा कि बाल श्रम रोकने के लिए जनपद में जिला बाल संरक्षण समिति का गठन ब्लाक, तहसील व ग्राम स्तर पर किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चे जो निराश्रित होगें । समिति के द्वारा उनके परिवारों को उनकी शिक्षा के लिए प्रति बच्चा प्रतिमाह 500/- रूपये की वित्तीय सहायता दी जायेगी। उन्होनें कहा कि बाल गृहों में आवासित ऐसे बच्चे जो बार-बार घर से पलायन कर संस्थाओं में प्रवेसित कराये जाते हैं अथवा जिनके माता-पिता, बच्चों को नही ले जाना चाहते, उन्हे प्राथमिकता के आधार पर परिवार में पुनर्वासित किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि अनुमोदित समिति द्वारा निराश्रित बच्चों के भरण-पोषण के लिए चयनित बच्चों को प्रतिमाह 500 रूपये की सहायता धनराषि बच्चे के नाम पर डाकखाने में खोले गए खातों में भेजी जायेगी उन्होंने कहा कि इस योजना का लाभ उन परिवारोें को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में 19884 रूपये व शहरी क्षेत्रोे में 25546 रूपये से अधिक न हो। 

जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित बच्चों के स्वास्थ्य व शिक्षा की दृष्टिगत 18 वर्ष से कम निराश्रित बच्चो में पुष्टाहार का वितरण किया जाए एवं उन्हे उनकी जांच कर उन्हे दवाईयां दी जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में बाल संरक्षण समिति का गठन जिला, ब्लाक, व ग्राम में किया जायेगा। जिसमें अध्यक्ष, जिला प्रोवेषन अधिकारी, ब्लाक अध्यक्ष, ब्लॉक प्रमुख व ग्राम सभा का अध्यक्ष ग्राम प्रधान होगा।

बैठक के दौरान उक्त के अतिरिक्त मुख्य विकास अधिकारी सुश्री अपूर्वा दूबे, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला प्रोवेषन अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, पुलिस क्षेत्राधिकारी गौरीगंज सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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